देशभर में मानसून ने पकड़ी रफ्तार! मौसम विभाग ने 23 राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जानिए आपके शहर के मौसम का हाल।
देशभर में भीषण गर्मी और उमस की मार झेल रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मॉनसून ने अब पूरे देश में अपनी पूरी रफ्तार पकड़ ली है। जुलाई की शुरुआत के साथ ही अगले 4 से 5 दिनों में भारत के अधिकांश राज्यों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने देश के 23 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिसमें कहीं भारी बारिश तो कहीं तेज हवाओं के साथ तूफान की चेतावनी दी गई है।
सक्रिय वेदर सिस्टम और बारिश की वजह
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि वर्तमान में देश में कई बड़े मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जो बारिश को बढ़ावा दे रहे हैं। बंगाल की खाड़ी में बना एक नया ‘लो-प्रेशर एरिया’ और पूर्वी बिहार के ऊपर सक्रिय ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ बारिश की तीव्रता को बढ़ा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) प्रवेश कर रहा है। इन मौसमी कारकों के कारण उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक वातावरण में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।
उत्तर भारत में मौसम का हाल: दिल्ली-NCR से यूपी तक
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के एनसीआर (NCR) क्षेत्रों में जुलाई की शुरुआत के साथ ही तेज गरज-चमक और झमाझम बारिश की उम्मीद है। इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को तपती गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। राज्य के प्रमुख शहरों जैसे आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने यहाँ 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई के लिहाज से काफी फायदेमंद साबित होगी।
पूर्वी और मध्य भारत में भारी बारिश की चेतावनी
बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया जैसे जिलों में भारी बारिश के साथ 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। वहीं, झारखंड में रांची, धनबाद और जमशेदपुर जैसे इलाकों में मध्यम से भारी बारिश के कारण स्थानीय नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है, जिसके लिए प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसमी सिस्टम का सीधा असर पश्चिम बंगाल पर पड़ रहा है। कोलकाता, पुरुलिया और नादिया समेत राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मध्य प्रदेश की बात करें तो भोपाल, विदिशा और खंडवा सहित कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है, जिसके चलते प्रशासन ने बाढ़ जैसे हालात को लेकर सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
राजस्थान, पंजाब और हरियाणा: फसलों के लिए संजीवनी
राजस्थान के जयपुर, कोटा और उदयपुर जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब और हरियाणा के अमृतसर, लुधियाना, अंबाला और करनाल जैसे शहरों में भारी बारिश और आंधी की संभावना है। यह बारिश इन राज्यों के कृषि क्षेत्र के लिए बहुत लाभकारी है, क्योंकि इससे फसलों को आवश्यक जल मिलेगा।
मुंबई और दक्षिण भारत का परिदृश्य
आर्थिक राजधानी मुंबई में भी अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश के आसार हैं, जिसके लिए मौसम विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। दक्षिण भारत के राज्यों—केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश—में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इन क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनजीवन को सुकून मिला है।
कुल मिलाकर, जुलाई का पहला सप्ताह पूरे देश के लिए वर्षा ऋतु की सक्रियता का मुख्य केंद्र रहने वाला है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि नागरिक खराब मौसम और तेज हवाओं के दौरान बाहर निकलते समय सतर्क रहें। भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, अतः आपदा प्रबंधन टीमों को भी तैयार रहने को कहा गया है। यह मॉनसून न केवल भीषण गर्मी से निजात दिलाएगा, बल्कि देश की जल भंडारण क्षमता और कृषि अर्थव्यवस्था के लिए भी एक नई ऊर्जा लेकर आएगा।