मोहम्मद रिजवान NCCIA Investigation: सट्टेबाजी जांच के बीच PCB ने सार्वजनिक बयान की अनुमति नहीं दी, कोर्ट पहुंचा मामला

मोहम्मद रिजवान NCCIA Investigation: सट्टेबाजी जांच के बीच PCB ने सार्वजनिक बयान की अनुमति नहीं दी, कोर्ट पहुंचा मामला

 

मोहम्मद रिजवान से जुड़े कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए की जांच का मामला लाहौर हाई कोर्ट पहुंचा। रिजवान ने NCCIA के नोटिस और जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान इन दिनों एक जांच को लेकर चर्चा में हैं। नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े कथित ऑनलाइन बेटिंग और जुए के मामले की जांच कर रही है, जिसमें रिजवान से भी पूछताछ की गई है। रिजवान ने एजेंसी की कार्रवाई और उसके अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए लाहौर हाई कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, 17 सितंबर 2026 को अदालत ने उनकी याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए उन्हें NCCIA के नोटिस का जवाब देने को कहा।

इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के बीच टीम से वापस भेजे गए रिजवान

यह मामला पाकिस्तान के इंग्लैंड दौरे के दौरान सामने आया। पाकिस्तान ने शुरुआती दो टेस्ट गंवाने के बाद टीम में बड़े बदलाव किए और मोहम्मद रिजवान तथा इमाम-उल-हक समेत सात खिलाड़ियों को वापस बुला लिया गया। पाकिस्तान तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-3 से हार गया। इसी दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम के अनुशासन और आचरण से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों पर आंतरिक जांच शुरू करने की भी घोषणा की थी।

बाद में रिजवान और इमाम-उल-हक से NCCIA ने पूछताछ की। हालांकि, शुरुआत में जांच की पूरी प्रकृति सार्वजनिक नहीं थी। कुछ रिपोर्टों में इसे ड्रेसिंग रूम से जुड़ी कथित सूचनाओं के लीक होने के मामले से भी जोड़ा गया, जबकि NCCIA के नोटिस में ऑनलाइन बेटिंग और जुए से जुड़े आरोपों की जांच का उल्लेख किया गया था।

रिजवान ने जांच के आधार और अधिकार क्षेत्र पर उठाए सवाल

रिजवान की ओर से अदालत में दायर याचिका में NCCIA की जांच के आधार और उसके अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाए गए। उनके वकील ने दावा किया कि एजेंसी के नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि रिजवान किस विशेष अवैध गतिविधि में कथित तौर पर शामिल थे। रिजवान ने यह भी कहा कि पूछताछ के दौरान उन्होंने आरोपों की स्पष्ट जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई।

रिजवान के वकील ने यह तर्क भी दिया कि क्रिकेट से जुड़े भ्रष्टाचार या सट्टेबाजी के आरोपों की जांच के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की एंटी करप्शन यूनिट उचित मंच है। अदालत में यह भी दावा किया गया कि रिजवान का मोबाइल फोन जांच के लिए लिया गया था और उसे वापस नहीं किया गया। ये सभी बातें रिजवान की ओर से पेश किए गए तर्क और दावे हैं; जांच एजेंसी की प्रक्रिया और निष्कर्ष अलग से निर्धारित होने हैं।

लाहौर हाई कोर्ट ने याचिका पर क्या कहा?

लाहौर हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश आलिया नीलम ने 17 सितंबर को रिजवान की याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने उन्हें तत्काल राहत देने के बजाय NCCIA के नोटिस का जवाब देने और एजेंसी के सामने अपना पक्ष रखने को कहा। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि रिजवान 10 सितंबर को एजेंसी के समक्ष पेश हो चुके थे। इसके बाद उनकी याचिका खारिज कर दी गई।

अदालत के निर्देश के बाद रिजवान की ओर से NCCIA को लिखित जवाब दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई। इसमें उन्होंने कथित आरोपों की जानकारी नहीं होने की बात कही और जांच एजेंसी के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके खिलाफ किसी तरह की भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत है तो उसे उचित क्रिकेट भ्रष्टाचार-रोधी संस्था के सामने रखा जाना चाहिए।

NCCIA ने मांगी कई तरह की जानकारियां

रिपोर्टों के अनुसार, NCCIA ने रिजवान से विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें उनके सोशल मीडिया अकाउंट, आय, बैंक खाते, संपत्ति, यात्रा और कुछ वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी शामिल है। एजेंसी ने पिछले वर्षों की आय, संपत्ति की खरीद-बिक्री, बैंक खातों और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय यात्राओं से संबंधित विवरण भी मांगे हैं।

जांच का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। इसलिए रिजवान के खिलाफ लगाए गए किसी भी आरोप को फिलहाल साबित तथ्य के रूप में देखना उचित नहीं होगा। रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि जांच के दौरान रिजवान और इमाम-उल-हक के मोबाइल फोन तथा डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।

PCB की अगली कार्रवाई जांच के नतीजे पर निर्भर

मोहम्मद रिजवान के मामले में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्टों के मुताबिक PCB जांच के नतीजों का इंतजार कर रहा है और उसके बाद ही खिलाड़ियों के खिलाफ किसी संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई पर फैसला किया जा सकता है। फिलहाल NCCIA की जांच जारी है और रिजवान की ओर से अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर स्पष्टीकरण देने की कोशिश की जा रही है।

ऐसे में इस पूरे मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम NCCIA की जांच और उससे जुड़े निष्कर्ष होंगे। जब तक आधिकारिक जांच पूरी नहीं होती, रिजवान से जुड़े आरोपों और उनके खिलाफ किसी संभावित कार्रवाई को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

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