“पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ़ ने रोहित शर्मा और विराट कोहली का बचाव किया है। उन्होंने रोनाल्डो और मेसी का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल छक्के मारने के आधार पर युवाओं को लाना गलत है।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी और बेहतरीन फील्डर रहे मोहम्मद कैफ़ (Mohammad Kaif) ने टीम इंडिया में सीनियर खिलाड़ियों की उम्र और युवाओं को मौका देने के मौजूदा ट्रेंड पर एक बड़ा और बेबाक बयान दिया है। कैफ़ का मानना है कि भारतीय क्रिकेट में सिर्फ इसलिए युवाओं को टीम में शामिल करने का चलन बन गया है क्योंकि वे बड़े छक्के लगा सकते हैं, जो कि पूरी तरह से गलत दृष्टिकोण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक बेहतरीन और मजबूत टीम वही होती है, जिसमें युवाओं के जोश और अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभव का सही संतुलन (Blend of Youth and Experience) हो। अपने इस तर्क को साबित करने के लिए कैफ़ ने फुटबॉल जगत के दो सबसे महान खिलाड़ियों— क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) और लियोनेल मेसी (Lionel Messi) का उदाहरण देकर आलोचकों को आईना दिखाया है।
एजबेस्टन वनडे में फ्लॉप शो के बाद रोहित-विराट के भविष्य पर उठे सवाल
दरअसल, मोहम्मद कैफ़ का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब बर्मिंघम के एजबेस्टन (Edgbaston) में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मुकाबले में टीम इंडिया के दो सबसे बड़े स्तंभ— पूर्व कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) पूरी तरह फ्लॉप रहे। दोनों खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया और खेल गलियारों में उनके वनडे भविष्य को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लंबे समय बाद वनडे टीम में लौटे रोहित शर्मा ने 21 गेंदों में संघर्ष करते हुए महज 11 रन बनाए और सैम करन का शिकार बने, जबकि जोफ्रा आर्चर की एक बेहतरीन गेंद पर विराट कोहली सिर्फ 5 रन के निजी स्कोर पर एलबीडब्ल्यू (LBW) आउट हो गए।
“जब 40 के रोनाल्डो-मेसी खेल सकते हैं, तो क्रिकेटर्स पर ही सवाल क्यों?” – कैफ़
रोहित और विराट की आलोचना करने वालों पर निशाना साधते हुए मोहम्मद कैफ़ ने फुटबॉल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि फुटबॉल जैसे तेज रफ्तार और अत्यधिक थका देने वाले खेल में भी क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनेल मेसी जैसे महान खिलाड़ी लगभग 40 साल की उम्र में भी अपने देश के लिए मुख्य खिलाड़ी के तौर पर खेल रहे हैं। इन दोनों ही दिग्गजों को उनकी टीम और प्रशंसकों का अटूट समर्थन हासिल है। कैफ़ ने सवाल उठाते हुए कहा, “यदि आप रोनाल्डो और मेसी को देखें, तो वे 40 साल की उम्र के आसपास हैं और अभी भी इतने तेज खेल में अपने देश के लिए खेल रहे हैं। अगर वे फिट हैं और उनके पास कौशल (Skill Set) है, तो हम क्रिकेट में उम्र के पीछे इतने क्यों पड़े हुए हैं?”
छक्के मारने के आधार पर युवाओं को टीम में लाना गलत नीति
कैफ़ की दो टूक: पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने साफ शब्दों में कहा कि सिर्फ छक्के लगाने की काबिलियत के आधार पर किसी सीनियर खिलाड़ी को हटाकर युवा खिलाड़ी को टीम में जगह देना एक गलत प्रथा है। क्रिकेट में अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता, और बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए आपको दबाव झेलने वाले अनुभवी खिलाड़ियों की जरूरत होती है।
क्रिकेट और फुटबॉल की तुलना करते हुए कैफ़ ने नाराजगी जताई कि क्रिकेट में जैसे ही कोई खिलाड़ी अपने करियर के एक निश्चित पड़ाव या उम्र पर पहुंचता है, उसके भविष्य और संन्यास को लेकर सवाल खड़े किए जाने लगते हैं, जो खिलाड़ियों पर बेवजह का दबाव बनाता है।
रोहित शर्मा पर बढ़ा दबाव, यशस्वी जायसवाल रेस में आगे!
आंकड़ों की बात करें तो कप्तान रोहित शर्मा पर इस समय प्रदर्शन को लेकर दबाव वाकई बढ़ता जा रहा है। साल 2026 में रोहित ने अब तक खेली गईं 7 वनडे पारियों में केवल एक अर्धशतक लगाया है। दूसरी तरफ, युवा आक्रामक सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) बेंच पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। जायसवाल जबरदस्त फॉर्म में हैं और अपनी पिछली तीन पारियों में दो शानदार शतक जड़ चुके हैं। ऐसे में खेल विश्लेषकों का मानना है कि इंग्लैंड के खिलाफ चल रही यह मौजूदा वनडे सीरीज भारत के ओपनिंग कॉम्बिनेशन के भविष्य और 2027 के वनडे वर्ल्ड कप के रोडमैप को तय करने में बेहद निर्णायक भूमिका निभाने वाली है।