संजय सिंह ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर चिंता जताई। कहा पाकिस्तान को शांति दूत बनाना और भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना गंभीर है।
राष्ट्रीय नेता संजय सिंह ने मोदी सरकार की विदेश नीति को लेकर गंभीर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि सरकार की “ही-ही, खी-खी” और जबरन दोस्ती की नीतियों ने भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को प्रभावित किया है। उनका आरोप है कि आतंकवादी देश पाकिस्तान को शांति दूत के रूप में प्रस्तुत करना और भारत को अलग-थलग दिखाना गंभीर चिंता का विषय है।
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संजय सिंह ने बताया कि इस प्रकार की नीतियां न केवल भारत के कूटनीतिक हितों को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि देश की वैश्विक साख पर भी प्रतिकूल असर डाल रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाए रखने के लिए ठोस और रणनीतिक कदम उठाने की आवश्यकता है।
मोदी की “ही-ही, खी-खी” और जबरन गले पड़ने वाली विदेश नीति ने भारत की प्रतिष्ठा को पूरी दुनिया में चोट पहुंचाने का काम किया है।
आतंकी देश पाकिस्तान शांति दूत बन गया, गांधी और गौतम बुद्ध का देश अलग-थलग पड़ गया! pic.twitter.com/sUfwh4VWyP
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) April 8, 2026
नेता ने यह भी जोर दिया कि देश की सुरक्षा, सम्मान और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए नीति निर्धारण में भारत के मूल्यों और हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका यह बयान वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत की विदेश नीति पर बहस को फिर से उजागर कर रहा है।
संजय सिंह का यह बयान राजनीतिक और कूटनीतिक विशेषज्ञों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है और इस पर सोशल मीडिया पर भी सक्रिय प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं।