बारां में मंत्री सुमित गोदारा ने ‘गिव अप’ अभियान सहित खाद्य सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा की। 31 अगस्त तक सक्षम लाभार्थी योजना से मुक्त हो सकेंगे। जानिए कैसे 40 लाख से अधिक लाभार्थी योजना छोड़कर वंचितों को लाभ पहुंचा रहे हैं।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री श्री सुमित गोदारा ने गुरुवार को बारां जिले के मिनी सचिवालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक की। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य में कोई भी पात्र व्यक्ति खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित न रहे।
मंत्री सुमित गोदारा ने विशेष रूप से ‘गिव अप’ अभियान पर जोर देते हुए कहा कि यह अभियान सक्षम और अपात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने के लिए प्रेरित करता है, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके। इस अभियान की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2025 है। अब तक प्रदेश में 21.09 लाख से अधिक लाभार्थियों ने स्वेच्छा से योजना का लाभ त्याग दिया है, और इसे 40 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
‘गिव अप’ अभियान से राज्य सरकार को गेहूं वितरण में 400 करोड़ रुपए से अधिक की वार्षिक बचत हो रही है। इसके अलावा, रसोई गैस सब्सिडी, मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना और दुर्घटना सुरक्षा योजना में भी बजट की बचत संभव हो रही है। मंत्री ने निर्देश दिए कि बारां जिले में ‘गिव अप’ अभियान के तहत एक लाख से अधिक लाभार्थियों को शामिल किया जाए।
बैठक में मंत्री सुमित गोदारा ने एनएफएसए के लंबित आवेदनों के सत्यापन, नवीन पात्र लाभार्थियों की पहचान, निरीक्षण की नियमितता, और साप्ताहिक समीक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निरीक्षक को प्रतिदिन कम से कम एक दुकान का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा और ‘गिव अप’ अभियान को जनआंदोलन के रूप में सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन मिलकर काम करें।
मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं, मुख्यमंत्री रसोई गैस योजना में प्रति परिवार 12 सिलेंडर 450 रुपए में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा और दुर्घटना बीमा योजना में मृत्यु पर 5 लाख रुपए का मुआवजा भी शामिल है।
उन्होंने साफ किया कि जहां योजना की प्रगति संतोषजनक नहीं होगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि ‘गिव अप’ अभियान से राज्य की खाद्य सुरक्षा सूची अधिक पारदर्शी, सटीक और प्रभावी बनी है, जिससे वास्तव में पात्र लोगों को उनका अधिकार मिल रहा है।
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