कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सौंद ने X पर जानकारी दी कि MGNREGA workers ने हड़ताल खत्म कर दी है। मान सरकार ने उनकी सभी जायज मांगें स्वीकार कर ली हैं।
पंजाब में MGNREGA workers ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने अपने X पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार ने MGNREGA workers की सभी जायज मांगों को स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल खत्म करने का फैसला किया।
मान सरकार ने मानी जायज मांगें
कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सौंद ने बताया कि सरकार और MGNREGA workers के बीच मांगों को लेकर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की जायज मांगों को स्वीकार कर लिया है। इसके बाद हड़ताल समाप्त हो गई है और MGNREGA से जुड़े कामगारों के काम पर लौटने का रास्ता साफ हो गया है।
X पोस्ट के जरिए दी जानकारी
ਮਨਰੇਗਾ ਵਰਕਰਾਂ ਨੇ ਹੜਤਾਲ ਕੀਤੀ ਖ਼ਤਮ!!
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @TarunpreetSond ਨੇ ਦਿੱਤੀ ਜਾਣਕਾਰੀ। ਕਿਹਾ, ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਮੰਨੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਜਾਇਜ਼ ਮੰਗਾਂ। ਸਾਰੇ ਮਨਰੇਗਾ ਵਰਕਰਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਵਧਾਈ pic.twitter.com/fs1zMSm9R1
— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 30, 2026
तरुणप्रीत सौंद ने इस संबंध में अपने आधिकारिक X अकाउंट के माध्यम से जानकारी साझा की। उन्होंने अपने संदेश में MGNREGA workers की हड़ताल खत्म होने की घोषणा की और सरकार द्वारा उनकी जायज मांगें स्वीकार किए जाने की बात कही। उन्होंने सभी MGNREGA workers को इस मौके पर बधाई भी दी।
हड़ताल खत्म होने से कामकाज सामान्य होने की उम्मीद
MGNREGA workers की हड़ताल खत्म होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा से जुड़े विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े काम किए जाते हैं। ऐसे में कर्मचारियों की वापसी से योजनाओं के संचालन को गति मिलने की संभावना है।
कामगारों के हितों पर सरकार का जोर
तरुणप्रीत सौंद ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और कामगारों की जायज मांगों को लेकर सकारात्मक रुख रखती है। MGNREGA workers की मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद हड़ताल समाप्त होना सरकार और कर्मचारियों के बीच बनी सहमति का संकेत है।
मंत्री ने सभी MGNREGA workers को हड़ताल समाप्त करने और काम पर लौटने के लिए बधाई दी। सरकार की ओर से मांगें स्वीकार किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद मनरेगा से जुड़े कामगारों में संतोष की स्थिति बनने की उम्मीद है।