मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धूरी में ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के पहले चरण की शुरुआत की। इस दौरान लाल लकीर के अंदर स्थित घरों के 2,295 मालिकों को कानूनी मालिकाना हक के दस्तावेज दिए गए।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगरूर के धूरी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत लाभार्थियों को घरों के कानूनी मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज वितरित किए। सरकार की ओर से बताया गया कि योजना के तहत लाल लकीर के अंदर आने वाले घरों के निवासियों को उनके मकानों का कानूनी मालिकाना हक दिलाने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। पहले चरण की शुरुआत के मौके पर 2,295 मकान मालिकों को मालिकाना हक के दस्तावेज सौंपे गए।
4 चरणों में मिलेगा घरों का मालिकाना हक
मुख्यमंत्री भगवंत मान के अनुसार, ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना को चार चरणों में लागू किया जाएगा। इन चार चरणों के तहत लाल लकीर के भीतर स्थित मकानों के पात्र लाभार्थियों को उनके घरों के मालिकाना हक से संबंधित दस्तावेज दिए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य लंबे समय से अपने घरों के कानूनी स्वामित्व से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे परिवारों को राहत देना है। मालिकाना हक से संबंधित दस्तावेज मिलने के बाद लाभार्थियों को अपने मकान पर कानूनी अधिकार का प्रमाण मिल सकेगा।
पहले चरण में 2,295 मकान मालिकों को दस्तावेज
CM @BhagwantMann ਨੇ ਅੱਜ ਸੰਗਰੂਰ ਦੇ ਧੂਰੀ ਵਿਖੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ‘ਮੇਰਾ ਘਰ ਮੇਰੇ ਨਾਮ’ ਸਕੀਮ ਤਹਿਤ ਲਾਭਪਾਤਰੀਆਂ ਨੂੰ ਲਾਲ ਲਕੀਰ ਦੇ ਅੰਦਰ ਪੈਂਦੇ ਘਰਾਂ ਦੇ ਕਾਨੂੰਨੀ ਮਾਲਕਾਨਾ ਹੱਕਾਂ ਦੇ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ ਵੰਡੇ। ਇਸ ਸਕੀਮ ਤਹਿਤ 4 ਪੜਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਲਾਭਪਾਤਰੀਆਂ ਨੂੰ ਘਰਾਂ ਦੇ ਮਾਲਕਾਨਾ ਹੱਕ ਦਿੱਤੇ ਜਾਣਗੇ ਅਤੇ ਅੱਜ ਪਹਿਲੇ ਪੜਾਅ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਮੌਕੇ 2,295 ਮਕਾਨ ਮਾਲਕਾਂ ਨੂੰ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ ਦਿੱਤੇ। ਇਸ ਉਪਰਾਲੇ ਨਾਲ਼ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਹੋਵੇਗਾ। ਲਾਭਪਾਤਰੀਆਂ ਨੇ ਇਸ ਪਹਿਲ ਲਈ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਤਹਿ ਦਿਲੋਂ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ।
— AAP Punjab (@AAPPunjab) October 7, 2026
धूरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान योजना के पहले चरण की शुरुआत की गई। इस मौके पर 2,295 मकान मालिकों को उनके घरों के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज वितरित किए गए।
सरकार के मुताबिक, यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और योजना के अगले चरणों में पात्र लाभार्थियों को दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे लाल लकीर के अंदर रहने वाले उन परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने मकानों के औपचारिक स्वामित्व को लेकर समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
क्या है लाल लकीर?
पंजाब समेत कई इलाकों में गांवों और शहरों की पुरानी आबादी के भीतर स्थित आवासीय संपत्तियों को लाल लकीर के अंदर आने वाली संपत्तियों के रूप में जाना जाता है। ऐसी संपत्तियों के मालिकाना हक और दस्तावेजों से जुड़े मामलों में लोगों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है।
‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के जरिए सरकार ऐसे मकान मालिकों को उनके घरों के कानूनी स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। इससे संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर स्पष्टता आने की उम्मीद है।
हजारों परिवारों को राहत मिलने का दावा
भगवंत मान सरकार का कहना है कि इस पहल से हजारों परिवारों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान होगा। कानूनी मालिकाना हक के दस्तावेज मिलने से लाभार्थियों को अपने घर से जुड़े अधिकारों को प्रमाणित करने में मदद मिलेगी।
सरकार के मुताबिक, संपत्ति का आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध होने से भविष्य में घर से जुड़े लेनदेन और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में भी लोगों को सुविधा मिल सकती है।
लाभार्थियों ने सरकार का जताया आभार
कार्यक्रम के दौरान दस्तावेज प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने इस पहल के लिए पंजाब सरकार का आभार जताया। लाभार्थियों के अनुसार, घर के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज मिलना उनके लिए महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस अवसर पर कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों को उनके अधिकार दिलाना और उनकी रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान करना है। ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत पहले चरण में 2,295 मकान मालिकों को दस्तावेज सौंपे जाने के बाद अब योजना के अगले चरणों पर काम आगे बढ़ाया जाएगा।
चार चरणों में पूरी होने वाली इस प्रक्रिया के जरिए लाल लकीर के भीतर आने वाले पात्र मकानों के मालिकों को कानूनी मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।