‘मेरा घर-मेरे नाम’ योजना से 70 परिवारों को मिला मालिकाना हक, हरभजन सिंह ईटीओ ने बांटे स्वामित्व प्रमाणपत्र

मेरा घर-मेरे नाम’ योजना से 70 परिवारों को मिला मालिकाना हक, हरभजन सिंह ईटीओ ने बांटे स्वामित्व प्रमाणपत्र

 

पंजाब की ‘मेरा घर-मेरे नाम’ योजना के तहत जंडियाला गुरु के गांव गिल में 70 परिवारों को मालिकाना हक के प्रमाणपत्र मिले। मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने प्रमाणपत्र वितरित किए।

पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की ‘मेरा घर-मेरे नाम’ योजना के तहत लोगों को उनके घरों का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया जारी है। इसी कड़ी में स्थानीय निकाय मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने जंडियाला गुरु विधानसभा क्षेत्र के गांव गिल में लाल लकीर के भीतर स्थित 70 घरों के परिवारों को स्वामित्व प्रमाणपत्र वितरित किए। इस पहल से लंबे समय से कानूनी मालिकाना हक से वंचित परिवारों को राहत मिली है।

70 परिवारों को मिले स्वामित्व प्रमाणपत्र

गांव गिल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने 70 घरों में रहने वाले परिवारों को मालिकाना हक से संबंधित प्रमाणपत्र सौंपे। ये घर लाल लकीर के भीतर स्थित हैं। प्रमाणपत्र मिलने से संबंधित परिवारों को अपने घरों के स्वामित्व का कानूनी दस्तावेज प्राप्त हुआ। लंबे समय से इस अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों के लिए इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

क्या है ‘मेरा घर-मेरे नाम’ योजना?

‘मेरा घर-मेरे नाम’ योजना का उद्देश्य लाल लकीर के भीतर स्थित मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों को उनके घरों का मालिकाना हक दिलाने में मदद करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार पीढ़ियों से अपने घरों में रह रहे हैं, लेकिन उनके पास स्वामित्व साबित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं होते। ऐसे परिवारों को प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने से संपत्ति संबंधी अधिकारों को औपचारिक रूप देने में सहायता मिलती है।

परिवारों ने मान सरकार की पहल की सराहना की

कार्यक्रम के दौरान मालिकाना हक प्राप्त करने वाले परिवारों ने मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ का आभार जताया। परिवारों ने लंबे समय से कानूनी स्वामित्व के अभाव में आने वाली परेशानियों का जिक्र करते हुए इस योजना की सराहना की। उन्होंने पंजाब सरकार की इस पहल को अपने घरों पर अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

लाल लकीर के मकानों को मालिकाना हक देने पर जोर

पंजाब सरकार की इस पहल के तहत लाल लकीर के भीतर रहने वाले पात्र परिवारों को स्वामित्व प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। गांव गिल में 70 परिवारों को प्रमाणपत्र वितरित किया जाना इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को उनके घरों से जुड़े अधिकारों के दस्तावेज उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें संपत्ति के स्वामित्व के संबंध में अधिक स्पष्टता मिल सके।

Related posts

नायब सिंह सैनी की स्वीडन यात्रा: हरियाणा में ₹4,000 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर, रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

नायब सिंह सैनी ने स्वीडिश कंपनियों को हरियाणा में निवेश का दिया न्योता, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 पर जोर

स्वीडन में इंडिया-स्वीडन इनोवेशन डे 2026 में शामिल हुए नायब सिंह सैनी, निवेशकों को दिया हरियाणा आने का न्योता

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More