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गांधी जयंती पर MCD के विशेष सदन के बहिष्कार को लेकर अंकुश नारंग ने सवाल उठाए। उन्होंने दिल्ली की सफाई, कचरे और नागरिक सुविधाओं के मुद्दों पर चर्चा की मांग की।
महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर दिल्ली नगर निगम (MCD) के विशेष सदन को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। MCD में नेता प्रतिपक्ष और AAP नेता अंकुश नारंग ने विशेष सदन बुलाए जाने के समय और तरीके पर सवाल उठाते हुए इसका बहिष्कार करने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि जब AAP नेता और कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, उसी दौरान MCD का विशेष सत्र जल्दबाजी में बुलाया गया।
अंकुश नारंग ने क्या कहा?
अंकुश नारंग ने अपने बयान में आरोप लगाया कि गांधी जयंती के दिन MCD का विशेष सदन ऐसे समय बुलाया गया, जब विपक्षी दल के नेता जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उनके मुताबिक, इस वजह से AAP पार्षदों के सामने सदन में शामिल होने और प्रदर्शन में भाग लेने के बीच स्थिति पैदा हुई।
नारंग ने कहा कि विपक्ष दिल्ली की सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और जर्जर नागरिक सुविधाओं जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है। उन्होंने बीजेपी पर इन स्थानीय मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि AAP ने इसी वजह से विशेष सदन का बहिष्कार किया।
उनका यह बयान राजनीतिक आरोप है। बीजेपी और MCD की ओर से इस आरोप का अलग पक्ष भी सामने आया है। MCD की उपमहापौर मोनिका पंत ने कहा कि विशेष बैठक ठोस कचरा प्रबंधन के मुद्दे पर बुलाई गई थी और इस विषय पर विस्तृत चर्चा बाद में की जानी थी।
MCD के विशेष सत्र में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
महात्मा गांधी की जयंती पर गोडसे के भक्तों ने MCD का विशेष सदन तो बुलाया लेकिन दिल्ली के असली मुद्दों पर चर्चा से भाजपा सरकार बचती नजर आ रही है।
जब मुख्य विपक्ष जंतर-मंतर पर चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठा रहे हैं, उसी दिन आनन-फानन में सदन बुलाना सवाल खड़े… pic.twitter.com/ivkpOTDjns
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) October 2, 2026
MCD ने 2 अक्टूबर को विशेष बैठक में Solid Waste Management Rules, 2026 के प्रावधानों और उनके क्रियान्वयन पर चर्चा की। बैठक में कचरे के चार-तरफा पृथक्करण, Bulk Waste Generators के पंजीकरण, कचरे के वैज्ञानिक संग्रह और प्रसंस्करण तथा सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर सुझाव सामने आए।
नए नियमों के तहत घरों, संस्थानों, बाजारों और अन्य प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने पर जोर दिया गया। MCD की ओर से नियमों के अनुपालन को मजबूत करने और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत भी बताई गई।
AAP और कांग्रेस पार्षदों ने किया बहिष्कार
विशेष सत्र में AAP और कांग्रेस के पार्षद शामिल नहीं हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि बैठक कम समय के नोटिस पर बुलाई गई, जबकि AAP के नेता और कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे थे। AAP ने इसी को लेकर बैठक का बहिष्कार किया।
वहीं, उपमहापौर मोनिका पंत ने AAP के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बैठक का उद्देश्य ठोस कचरा प्रबंधन पर चर्चा करना था। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले सप्ताह की बैठक में AAP पार्षद समय पर नहीं पहुंचे थे और बाद में हंगामा हुआ था।
जंतर-मंतर प्रदर्शन भी बना मुद्दा
इसी दिन दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाए। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही थी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।
AAP और अन्य विपक्षी समूहों के कई नेताओं तथा प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। ऐसे में MCD विशेष सत्र और जंतर-मंतर प्रदर्शन एक ही दिन होने के कारण दिल्ली की राजनीति में दोनों घटनाओं को लेकर बहस तेज हो गई।
सफाई और नागरिक सुविधाओं पर भी सियासत
अंकुश नारंग ने दिल्ली की सफाई, कचरे, जलभराव और नागरिक सुविधाओं को लेकर सरकार और MCD से जवाब मांगा। दूसरी ओर, विशेष सत्र में भी ठोस कचरा प्रबंधन और शहर की सफाई व्यवस्था से जुड़े नियमों पर चर्चा हुई।
इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ AAP ने विशेष सदन के समय और एजेंडे पर सवाल उठाए, जबकि MCD ने बैठक को ठोस कचरा प्रबंधन और नए नियमों के क्रियान्वयन से जुड़ा बताया। गांधी जयंती के दिन हुए इन घटनाक्रमों के बाद दिल्ली में चुनावी पारदर्शिता और स्थानीय निकाय के मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई।