एमसीडी सदन में AAP पार्षदों को प्रवेश से रोकने के आरोप पर अंकुश नारंग ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने अवैध पीजी और निर्माण से जुड़े सवालों पर जवाब मांगते हुए सदन स्थगित करने पर सवाल उठाए।
दिल्ली नगर निगम (MCD) के सदन की बैठक को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच मंगलवार को टकराव देखने को मिला। आम आदमी पार्टी के MCD में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर सुरक्षा कर्मियों ने AAP पार्षदों को सदन में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की। नारंग ने दावा किया कि जब AAP पार्षद सदन में दिल्ली की जनता से जुड़े मुद्दे, अवैध PG और अवैध निर्माण जैसे मामलों को उठाने वाले थे, तभी सदन की बैठक स्थगित कर दी गई।
AAP पार्षदों को रोकने का अंकुश नारंग ने लगाया आरोप
अंकुश नारंग ने कहा कि MCD मुख्यालय में सदन की बैठक के दौरान AAP के सभी पार्षद सदन में पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। उनके अनुसार, इसी दौरान सुरक्षा कर्मियों ने पार्षदों के प्रवेश को रोकने का प्रयास किया। नारंग ने सवाल उठाया कि अगर सदन में जनहित से जुड़े सवाल उठाए जाने हैं तो निर्वाचित पार्षदों को सदन में जाने से रोकने की कोशिश क्यों की जा रही है।
नारंग ने आरोप लगाया कि सदन में सवाल पूछने और जनता की समस्याएं उठाने के बजाय भाजपा ने बैठक को ही स्थगित कर दिया। उन्होंने कहा कि सदन का संचालन सवालों और चर्चा के जरिए होना चाहिए, न कि ताले, दबाव या रोक-टोक के जरिए।
अवैध PG और निर्माण के मुद्दे पर भी घेरा
भाजपा के इशारे पर MCD सदन में AAP पार्षदों को प्रवेश से रोकने की पहले कोशिश की गई और फिर सदन स्थगित कर दिया गया—आखिर भाजपा जनता से जुड़े सवालों से क्यों भाग रही है?
अवैध PG और अवैध निर्माण पर भाजपा की दोहरी नीति भी जनता के सामने है। आखिर क्यों भाजपा, सत्ता से जुड़े लोगों पर सवाल… https://t.co/ewgg5wxbUD
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 29, 2026
AAP नेता ने अवैध PG और अवैध निर्माण के मुद्दे को भी भाजपा से जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में अवैध निर्माण और PG को लेकर भाजपा की नीति दोहरी है और जब सत्ता से जुड़े लोगों से संबंधित सवाल उठते हैं तो इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली जाती है।
यह मुद्दा हाल के दिनों में MCD में चर्चा का विषय रहा है। AAP पहले भी सत्य निकेतन में भाजपा विधायक अनिल शर्मा से जुड़े बताए जा रहे PG को लेकर सवाल उठा चुकी है। अंकुश नारंग ने 25 सितंबर को MCD की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में भी इस मामले को उठाने का दावा किया था।
वहीं, सत्य निकेतन में PG भवन गिरने की घटना के बाद MCD की ओर से अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई है। दिल्ली हाईकोर्ट में MCD ने बताया कि शहर में चिन्हित 2,453 PG में से बड़ी संख्या के भवन प्लान उपलब्ध नहीं हो सके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कार्रवाई के दौरान कई संपत्तियों को ध्वस्त और सील भी किया गया है।
भाजपा ने AAP पर लगाया अलग आरोप
इस पूरे विवाद पर भाजपा की ओर से अलग पक्ष सामने आया है। MCD के नेता सदन जय भगवान यादव ने आरोप लगाया कि AAP के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग और अन्य AAP पार्षदों ने सदन में तैनात सुरक्षा कर्मियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया और धक्का-मुक्की की। भाजपा का कहना है कि सुरक्षा कर्मी निर्धारित प्रवेश द्वार और सुरक्षा व्यवस्था का पालन कराने के लिए तैनात थे।
इस तरह MCD सदन में हुई घटना को लेकर दोनों दलों के आरोप अलग-अलग हैं। AAP का कहना है कि उसके पार्षदों को सदन में प्रवेश से रोकने की कोशिश की गई और जनहित के मुद्दे उठाने से पहले ही बैठक स्थगित कर दी गई, जबकि भाजपा ने सुरक्षा व्यवस्था में हस्तक्षेप और सुरक्षा कर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है।
‘BJP को जवाब देना होगा’- अंकुश नारंग
अंकुश नारंग ने कहा कि सदन जनता के सवालों और समस्याओं को उठाने का मंच है। उनके मुताबिक निर्वाचित पार्षदों को जनता से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछने का अधिकार है और इन सवालों से बचने के बजाय उनका जवाब दिया जाना चाहिए।
नारंग ने आरोप लगाया कि भाजपा अवैध PG, अवैध निर्माण और सत्ता से जुड़े लोगों से संबंधित सवालों पर जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि सदन को दबाव में चलाने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जाना चाहिए और भाजपा को अंततः इन सवालों का जवाब देना होगा।
MCD सदन की इस घटना ने एक बार फिर AAP और BJP के बीच नगर निगम के कामकाज को लेकर राजनीतिक टकराव को सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में अवैध PG, अवैध निर्माण और सदन में पार्षदों के प्रवेश से जुड़े मुद्दे निगम की बैठकों में आगे भी उठ सकते हैं।