Table of Contents
पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए भगवंत मान सरकार ने फरीदकोट, पटियाला, लुधियाना, गुरदासपुर, मोहाली और जालंधर में 6 मेथाडोन क्लिनिक शुरू किए हैं। जल्द 6 और क्लिनिक खुलेंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य को नशे की गिरफ्त से पूरी तरह आजाद कराने के लिए लगातार कड़े और सुधारात्मक कदम उठा रही है। इसी कड़ी में गंभीर ओपिऑइड (अफीम/हेरोइन) नशे के आदी मरीजों के इलाज के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी (MMT) क्लिनिक की शुरुआत की गई है।
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए पहले चरण में 6 प्रमुख जिलों—फरीदकोट, पटियाला, लुधियाना, गुरदासपुर, मोहाली और जालंधर—में समर्पित मेथाडोन क्लिनिक शुरू कर दिए गए हैं। मान सरकार की योजना आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त 6 और ऐसे क्लिनिक खोलने की है, जिससे राज्य में इनकी कुल संख्या बढ़कर 12 हो जाएगी।
क्या है मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी (MMT)?
ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਜੜ੍ਹੋਂ ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤੀ ਲਈ ਲਗਾਤਾਰ ਕਦਮ ਚੁੱਕ ਰਹੀ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ!
👉🏻 ਨਸ਼ਾ ਪੀੜਤਾਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਵਾਸਤੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੇ 6 ਮੈਥਾਡੋਨ ਮੇਨਟੇਨੈਂਸ ਥੈਰੇਪੀ ਕਲੀਨਿਕ
👉🏻 ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ, ਪਟਿਆਲਾ, ਲੁਧਿਆਣਾ, ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ, ਮੋਹਾਲੀ ਅਤੇ ਜਲੰਧਰ ਤੋਂ ਹੋਈ ਸ਼ੁਰੂਆਤ
👉🏻 ਹੋਰ ਖੁੱਲ੍ਹਣਗੇ ਕੌਮਾਂਤਰੀ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਮਾਨਤਾ ਪ੍ਰਾਪਤ ਅਜਿਹੇ 6 ਕਲੀਨਿਕ, ਕੁੱਲ… pic.twitter.com/g2U7qJdXla— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 21, 2026
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के दिशा-निर्देशों के तहत शुरू की गई मेथाडोन थेरेपी उन मरीजों के लिए संजीवनी साबित होती है, जिन पर पारंपारिक नशा मुक्ति दवाइयां (जैसे बुप्रेनोर्फिन) असर नहीं कर पाती हैं।
यह एक चिकित्सीय प्रक्रिया है, जिसमें डॉक्टरों की सीधी देखरेख में मरीज को खुराक दी जाती है। इससे मरीज को नशे की तलब (cravings) और विड्रॉल सिम्टम्स (शारीरिक कष्ट) महसूस नहीं होते, जिससे वह धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट पाता है।
6 क्लिनिक चालू, 6 नए जल्द होंगे शुरू
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, यह पहल मान सरकार के ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ (War Against Drugs) अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वर्तमान में निम्नलिखित केंद्रों पर ये क्लिनिक काम कर रहे हैं:
- सरकारी मेडिकल कॉलेज, फरीदकोट
- सरकारी मेडिकल कॉलेज, पटियाला
- सिविल अस्पताल, लुधियाना
- जिला अस्पताल, गुरदासपुर
- जिला अस्पताल, मोहाली
- जिला अस्पताल, जालंधर
जल्द ही 6 और जिलों में राष्ट्रीय स्तर के मानकों वाले क्लिनिक स्थापित किए जाएंगे, जिससे राज्य भर के मरीजों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
मरीजों को मिलेंगी ये सुविधाएं
डॉक्टरी देखरेख में दैनिक दवा: मरीजों को रोज अस्पताल आकर विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी में दवा लेनी होगी।
- मनोवैज्ञानिक परामर्श (Psychological Counselling): मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए काउंसलर्स की मदद दी जाएगी।
- फैमिली काउंसिलिंग: मरीज को फिर से परिवार और समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए परिजनों का मार्गदर्शन किया जाएगा।
- रीलैप्स प्रिवेंशन: नशा दोबारा शुरू न हो, इसके लिए नियमित फॉलो-अप लिया जाएगा।
“इलाज और पुनर्वास से ही मिटेगा नशा”: मान सरकार
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का स्पष्ट मानना है कि नशा तस्करी करने वालों पर सख्त पुलिस कार्रवाई की जाएगी, जबकि नशे के शिकार हुए युवाओं को अपराधी नहीं बल्कि ‘मरीज’ मानकर उनका इलाज कराया जाएगा।
इन मेथाडोन क्लिनिकों के खुलने से ओपिऑइड निर्भरता से जूझ रहे हजारों युवाओं को नया जीवन मिलेगा और वे मुख्यधारा से जुड़कर पंजाब के विकास में योगदान दे सकेंगे।