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मनीष सिसोदिया ने शिक्षा के आधुनिक और आध्यात्मिक मेल पर दिया जोर। जानें क्यों बच्चों के लिए पश्चिमी विज्ञान की रिसर्च और शास्त्रों का आंतरिक ज्ञान दोनों जरूरी हैं।
शिक्षा क्रांति 2.0: मनीष सिसोदिया बोले- “बाहरी विज्ञान और आंतरिक अध्यात्म का मेल ही बनेगा भारत का भविष्य”
दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने शिक्षा के एक नए मॉडल पर जोर देते हुए कहा कि हमारे बच्चों को दुनिया में सबसे आगे रहने के लिए दो अलग-अलग मगर पूरक दिशाओं में महारत हासिल करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ पश्चिमी विज्ञान (Western Science) हमें बाहर की दुनिया, ब्रह्मांड और तकनीक में रिसर्च करना सिखाता है, वहीं हमारे प्राचीन भारतीय शास्त्र हमें अपने मन के भीतर झांकना और स्वयं को समझना सिखाते हैं। सिसोदिया के अनुसार, आधुनिक भारत की नींव तभी मजबूत होगी जब हमारे छात्र रॉकेट साइंस को भी समझें और ध्यान (Meditation) व आत्म-मंथन की शक्ति को भी पहचानें।
हैप्पीनेस करिकुलम और माइंडफुलनेस: भीतर देखने की कला
पश्चिम विज्ञान बाहर की दुनिया में रिसर्च करता है और हमारे शास्त्र अपने मन के भीतर देखना सिखाते हैं।
हमें अपने बच्चों को ये दोनों बातें सिखानी हैं..@msisodia pic.twitter.com/xzqGWcDXu2
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) May 3, 2026
आम आदमी पार्टी की शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शुरू किया गया ‘हैप्पीनेस करिकुलम’ इसी सोच का परिणाम है। “हम केवल डिग्रीधारी रोबोट नहीं बनाना चाहते, बल्कि संवेदनशील इंसान बनाना चाहते हैं,” उन्होंने कहा। जब बच्चे अपने मन के भीतर देखना सीखते हैं, तो उनमें तनाव सहने की शक्ति, सहानुभूति और एकाग्रता बढ़ती है। शास्त्रों की यह सीख बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाती है, जिससे वे बाहरी दुनिया की चुनौतियों और शोध (Research) में अधिक प्रभावी ढंग से सफल हो पाते हैं।
बच्चों के लिए समग्र विकास का नया मंत्र
मनीष सिसोदिया ने अभिभावकों और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को दोनों दुनिया के लिए तैयार करें। एक तरफ उन्हें प्रयोगशालाओं (Labs) में नई खोजों के लिए प्रेरित करें, ताकि वे तकनीक के मामले में दुनिया का नेतृत्व कर सकें। वहीं दूसरी तरफ, उन्हें अपने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल से जोड़ें, ताकि वे जीवन के उतार-चढ़ाव में विचलित न हों। सिसोदिया का मानना है कि यह संतुलन ही भारत को फिर से ‘विश्वगुरु’ बनाएगा, जहाँ हमारे पास सबसे तेज दिमाग और सबसे शांत मन वाले नागरिक होंगे।