वाराणसी नगर निगम ने औरंगाबाद की दुकान से 750 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त की। दुकानदार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जानें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी नगर निगम ने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक सख्त अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग और बिक्री पर रोक लगाने के लिए व्यापक छापेमारी की गई। इस दौरान औरंगाबाद स्थित एक दुकान से लगभग 30 बोरी, कुल 750 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया गया है। आरोपी दुकानदार पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
वाराणसी में प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई
वाराणसी नगर निगम ने प्लास्टिक के पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत नगर निगम के विभिन्न विभागों ने प्लास्टिक उपयोग को पूरी तरह रोकने के लिए जागरूकता और सख्त नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
छापेमारी में 750 किलो प्लास्टिक जब्त
नगर निगम की टीम ने औरंगाबाद क्षेत्र में स्थित एक दुकान पर छापा मारा, जहां से प्रतिबंधित प्लास्टिक की 30 बोरी जब्त की गईं, जिनका वजन लगभग 750 किलो था। इस कार्रवाई के बाद दुकान मालिक को भारी जुर्माने के साथ सख्त चेतावनी भी दी गई है।
प्लास्टिक उपयोग पर रोक के लिए जनता से अपील
नगर निगम द्वारा पूरे वाराणसी क्षेत्र में प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे पर्यावरण की सुरक्षा हेतु प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचें और आवश्यकतानुसार पर्यावरण मित्र विकल्प अपनाएं।
काशी विश्वनाथ मंदिर में भी प्लास्टिक प्रतिबंध लागू
वाराणसी के प्रमुख धार्मिक स्थल काशी विश्वनाथ मंदिर ने भी प्लास्टिक के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। 10 अगस्त से मंदिर परिसर में किसी भी श्रद्धालु को प्लास्टिक से बनी वस्तुएं लेकर प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। मंदिर प्रशासन इस दिशा में लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहा है।
वाराणसी को प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य
इन कड़े कदमों और जागरूकता पहलों के माध्यम से वाराणसी नगर निगम का लक्ष्य शहर को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करना है। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के लिए यह अभियान आने वाले समय में और भी तेज़ किया जाएगा।