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हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पंचकूला में उच्च और प्राथमिक शिक्षा विभाग के कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। काम में कोताही बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा आज पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में नजर आए। प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने और सरकारी कामकाज में तेजी लाने के उद्देश्य से उन्होंने पंचकूला स्थित उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) और प्राथमिक शिक्षा विभाग (Elementary Education Department) के कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया।
काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मंत्री
शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा आज एक्शन मोड में नजर आए। प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और सरकारी कामकाज में तेजी लाने के उद्देश्य से उन्होंने आज पंचकूला स्थित उच्चतर शिक्षा विभाग और मौलिक शिक्षा विभाग के कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया।
उन्होंने चेताया कि कार्यों में किसी… pic.twitter.com/uJz480sqFD
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 1, 2026
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कार्यालयों की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा और फाइलों के निपटान की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी कर्मचारी या अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति कोताही बरतेंगे या काम में देरी करेंगे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) की जाएगी।
प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार का संकल्प
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आम जनता और विद्यार्थियों से जुड़ी फाइलों का समयबद्ध तरीके से निपटान सुनिश्चित करें। उनका यह औचक दौरा यह दर्शाता है कि सरकार शिक्षा विभाग की कार्यकुशलता को बढ़ाने के लिए गंभीर है। मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग सरकार का एक महत्वपूर्ण अंग है और यहाँ सुशासन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
अधिकारियों में हड़कंप
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के इस औचक निरीक्षण से विभागों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। मंत्री का अचानक पहुंचना यह साफ करता है कि आने वाले समय में सरकारी विभागों में काम की संस्कृति (Work Culture) में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि अधिकारी कार्यालयों में समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखें।
इस निरीक्षण के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि शिक्षा विभाग के कार्यों में अब और अधिक पारदर्शिता और गति आएगी, जिसका सीधा लाभ छात्रों और शिक्षकों को मिलेगा।