महिला आरक्षण बिल को लेकर विवाद तेज, आप सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर उत्तर-दक्षिण विवाद भड़काने और देश को बांटने की कोशिश का आरोप लगाया। विपक्ष ने भी उठाए सवाल।
लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद Sanjay Singh ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार देश में उत्तर और दक्षिण भारत के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है।
संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि महिला आरक्षण बिल के जरिए सरकार “टुकड़े-टुकड़े गैंग” की तरह काम कर रही थी और राज्यों के बीच मतभेद बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी। उनके अनुसार, इस पूरे विवाद के पीछे राजनीतिक असंतोष को भड़काने की रणनीति शामिल थी।
उन्होंने दावा किया कि कुछ राज्यों में संसदीय सीटों के संभावित बदलाव को लेकर पहले से ही असंतोष देखा जा रहा था, जिसे और बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी। संजय सिंह ने कहा कि विपक्ष ने इस कथित प्रयास को विफल कर दिया।
डिलिमिटेशन बिल संसद में गिर गया।
मोदी और BJP टुकड़े-टुकड़े गैंग की तरह राज्यों को तोड़ना चाहती थी।
संसद में “महिला आरक्षण बिल” नही “BJP जिताओ बिल” लाया गया था।
BJP अपनी सीटें बढ़ाने की साज़िश रच रही थी जो बुरी तरह नाकाम हो गई।— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) April 17, 2026
AAP सांसद ने केंद्र सरकार पर देश को विभाजित करने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विवाद पैदा करना चाहती थी। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में विपक्ष की भूमिका ने इस कथित योजना को सफल नहीं होने दिया।
बीजेपी द्वारा विपक्ष को “महिला विरोधी” बताए जाने पर संजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि यह विधेयक वास्तविक अर्थों में महिला आरक्षण सुनिश्चित नहीं करता। उन्होंने 2023 में लाए गए प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें जनगणना और परिसीमन के बाद ही आरक्षण लागू करने की बात थी, जो लंबी प्रक्रिया है।
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष हमेशा से 33% महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग करता रहा है, लेकिन सरकार ने इसे टालने का काम किया है। इस पूरे राजनीतिक विवाद ने महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद में बहस को और तेज कर दिया है, जहां पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।