वायरल वीडियो विवाद पर माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी ने तोड़ी चुप्पी। सोशल मीडिया ‘मोरल पुलिसिंग’ पर क्या बोलीं अभिनेत्रियां, जानें यहां।
हाल ही में माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की आगामी फिल्म ‘मां बहन’ के प्रमोशन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। इस वीडियो में कुछ ऐसा हुआ जिसने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी। वीडियो में पैपराजी को इन्फ्लुएंसर और अभिनेत्री धारणा दुर्गा को किनारे करने के लिए कहते हुए देखा गया, ताकि वे तृप्ति और माधुरी की तस्वीरें ले सकें। इस घटना के बाद नेटिज़न्स ने तृप्ति और माधुरी पर धारणा दुर्गा को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया और उनसे सवाल किए कि उन्होंने इस स्थिति में हस्तक्षेप क्यों नहीं किया। अब इस पूरे विवाद पर दोनों अभिनेत्रियों ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
“मैं खुश होने से डरती हूँ”: तृप्ति डिमरी
हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान, तृप्ति डिमरी ने इस ट्रोलिंग पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब भी उनकी कोई फिल्म रिलीज होने वाली होती है, तो वह खुश होने से भी डरने लगती हैं। तृप्ति ने कहा, “मैं खुद से पूछती हूँ कि इस बार वे क्या चुनेंगे? अब वे क्या नया विवाद खड़ा करेंगे? मैंने सोचा था कि इस फिल्म में तो उन्हें कुछ नहीं मिलेगा, लेकिन फिर भी उन्होंने कुछ न कुछ ढूंढ ही लिया। कुछ लोग ऐसा हर बार करेंगे, और हम इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते।” तृप्ति का यह बयान स्पष्ट करता है कि लगातार होने वाली इस जांच-परख (scrutiny) से वह कितनी मानसिक रूप से प्रभावित हो रही हैं।
माधुरी दीक्षित की नजर में 90 का दशक बनाम आज का सोशल मीडिया
वहीं, बॉलीवुड की ‘धक-धक गर्ल’ माधुरी दीक्षित ने इस मामले पर एक परिपक्व प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आज के सोशल मीडिया युग की तुलना 90 के दशक से करते हुए कहा कि तब भी ऐसे लोग थे, लेकिन अपनी बात कहने का कोई माध्यम नहीं था। माधुरी ने आगे कहा, “आज हमारे पास वह माध्यम है; हर कोई अपनी बात रख रहा है। आज हर कोई फिल्म निर्माता है, हर कोई फैशन विशेषज्ञ है और हर कोई ‘मोरल पुलिस’ (नैतिकता का पहरेदार) बन गया है।” उनका यह तर्क दर्शाता है कि किस प्रकार सोशल मीडिया ने बिना संदर्भ समझे किसी को भी कटघरे में खड़ा करने की संस्कृति को बढ़ावा दिया है।
फिल्म ‘मां बहन’ का कथानक और टीम
विवादों के बीच ‘मां बहन’ फिल्म की चर्चा भी जोरों पर है। यह फिल्म सुरेश त्रिवेदी द्वारा निर्देशित है, जिसकी कहानी सुरेश त्रिवेदी और पूजा टोलानी ने मिलकर लिखी है। फिल्म की पटकथा और संवाद भी पूजा टोलानी की कलम से निकले हैं। फिल्म का निर्माण विक्रम मल्होत्रा और सुरेश त्रिवेदी ने ‘अबंडेंटिया एंटरटेनमेंट’ के बैनर तले ‘ओपनिंग इमेज फिल्म्स’ के सहयोग से किया है।
फिल्म में माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी के साथ धारणा दुर्गा और रवि किशन मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का विषय ‘मां’ और ‘बहन’ के इर्द-गिर्द घूमता है, जो पारिवारिक रिश्तों की जटिलताओं और संवेदनाओं को पेश करने का वादा करती है। नेटफ्लिक्स पर 4 जून को रिलीज होने जा रही यह फिल्म अपने पोस्टर और टीजर के साथ ही दर्शकों में उत्सुकता जगा चुकी है।
सोशल मीडिया संस्कृति पर एक बड़ी बहस
माधुरी और तृप्ति का यह बयान केवल एक फिल्म प्रमोशन के विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक समस्या को भी रेखांकित करता है जहाँ कलाकारों को हर पल सोशल मीडिया की ‘मोरल पुलिसिंग’ का सामना करना पड़ता है। पैपराजी के सामने होने वाली छोटी सी चूक या गलतफहमी को जिस तरह से एक बड़े मुद्दे में बदल दिया जाता है, वह कलाकारों के निजी और पेशेवर जीवन पर दबाव डालता है।
माधुरी दीक्षित का दशकों का अनुभव और तृप्ति डिमरी की उभरती हुई मेहनत इस फिल्म के लिए महत्वपूर्ण है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि विवादों से इतर, दर्शक फिल्म की कहानी और अभिनय की गुणवत्ता पर ध्यान देंगे। नेटफ्लिक्स पर 4 जून को प्रीमियर होने वाली ‘मां बहन’ के जरिए यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह फिल्म अपनी गुणवत्ता के दम पर इन विवादों को पीछे छोड़ने में कामयाब होती है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मनोरंजन जगत में सफलता के साथ-साथ आलोचनाओं का सामना करना भी कलाकारों का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है। तृप्ति और माधुरी ने अपने स्तर पर स्पष्टीकरण देकर स्थिति को संभालने की कोशिश की है, अब गेंद दर्शकों के पाले में है।