हृदयनाथ मंगेशकर ने लता मंगेशकर और आशा भोंसले की याद में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल ‘लता-आशा आयुर्विद्या संस्थान’ बनाने की घोषणा की। जानिए प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी।
भारतीय संगीत जगत के लिए पिछला सप्ताह अत्यंत दुखद रहा। सुरों की मलिका आशा भोंसले ने 12 अप्रैल, रविवार को 92 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनकी विदाई के साथ ही संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। लेकिन, उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने उनकी और लता दीदी की विरासत को जीवित रखने के लिए एक ऐसी घोषणा की है, जो न केवल संगीत जगत बल्कि मानवता के लिए भी एक मिसाल बनेगी।
एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने का संकल्प
हृदयनाथ मंगेशकर ने हाल ही में एक साक्षात्कार में बताया कि मंगेशकर परिवार दोनों बहनों की स्मृति में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
- नामकरण: इस संस्थान का नाम संभवतः ‘लता-आशा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ या ‘लता-आशा मंगेशकर आयुर्विद्या संस्थान’ रखा जाएगा।
- परियोजना का विस्तार: हृदयनाथ जी ने साझा किया, “हम इसे एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हमने इसके लिए काफी बड़ी जमीन ली है, बाकी अब ईश्वर की इच्छा पर निर्भर है।”
- योजना में बदलाव: शुरुआत में यह प्रोजेक्ट केवल लता मंगेशकर की याद में बनाया जाना था। लेकिन 16 अप्रैल को होने वाले निर्धारित उद्घाटन से पहले ही आशा भोंसले के आकस्मिक निधन के बाद, अब इसे दोनों बहनों के नाम पर समर्पित करने का निर्णय लिया गया है।
संगीत का संग्रहालय: आने वाली पीढ़ियों के लिए विरासत
अस्पताल के साथ-साथ, परिवार एक भव्य संग्रहालय (Museum) बनाने की भी योजना बना रहा है।
यह संग्रहालय मंगेशकर परिवार की समृद्ध संगीत विरासत को प्रदर्शित करेगा।
यहाँ आने वाले आगंतुक न केवल उनकी उपलब्धियों को देख सकेंगे, बल्कि इंटरैक्टिव अनुभवों के माध्यम से संगीत सीखने का अवसर भी प्राप्त करेंगे।
आशा भोंसले का निधन और अंतिम विदाई
संगीत की दुनिया की ‘वर्सेटाइल क्वीन’ आशा भोंसले का निधन रविवार दोपहर 12 बजे मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ। 92 वर्षीय गायिका को सीने में संक्रमण और थकान के कारण शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ मल्टी-ऑर्गन फेल्योर की वजह से उन्होंने अंतिम सांस ली।
अंतिम संस्कार और सम्मान
सोमवार को उनके अंतिम संस्कार में आमिर खान, विक्की कौशल, तब्बू, विवेक ओबेरॉय, अनु मलिक, अनूप जलोटा और शान जैसी बड़ी हस्तियों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके लोअर परेल स्थित आवास ‘कासा ग्रांडे’ में रखा गया था।
उन्हें प्रशंसकों और परिवार की मौजूदगी में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के साथ अंतिम विदाई दी गई।
एक महान विरासत का नया अध्याय: लता दीदी और आशा ताई ने अपनी आवाज से दशकों तक करोड़ों दिलों को सुकून दिया। अब उनके नाम पर बनने वाला यह अस्पताल बीमारों को नया जीवन देगा, जो उनकी सेवा और समर्पण की भावना का सच्चा प्रतीक होगा।