लगातार दो गोल्डन डक के बाद विराट कोहली के फॉर्म पर सवाल उठ रहे हैं। आरसीबी के स्टार क्रुणाल पांड्या ने कोहली का बचाव करते हुए उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बताया। जानें क्या कहते हैं कोहली के इस सीजन के आंकड़े।
आईपीएल 2026 के रोमांचक सत्र में जहाँ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए संघर्ष कर रही है, वहीं टीम के सबसे बड़े सितारे विराट कोहली के खराब फॉर्म ने प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी है। रायपुर के मैदान पर मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ मिली रोमांचक जीत के बावजूद, कोहली का बल्ला खामोश रहा। इस बीच, आरसीबी के स्टार ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या ने अपने साथी खिलाड़ी का बचाव करते हुए एक बड़ा बयान दिया है।
लगातार दूसरा ‘गोल्डन डक’: रायपुर में स्तब्ध रह गए फैंस
मुंबई इंडियंस के खिलाफ रायपुर में खेला गया मुकाबला आरसीबी के लिए जीत के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण था। टीम ने जीत तो दर्ज की, लेकिन स्टेडियम में मौजूद हजारों प्रशंसक तब सन्न रह गए जब विराट कोहली मैच की पहली ही गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए। यह उनके आईपीएल करियर का एक दुर्लभ और कठिन दौर है, क्योंकि यह लगातार दूसरा मौका था जब वे ‘गोल्डन डक’ (पहली गेंद पर शून्य) का शिकार हुए। इससे पिछले मैच में भी कोहली खाता खोलने में नाकाम रहे थे। एक दिग्गज बल्लेबाज के बल्ले से निकलते ये दो शून्य सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बन गए हैं।
क्रुणाल पांड्या का समर्थन: “शेर हमेशा वापसी करता है”
विराट कोहली की फॉर्म को लेकर हो रही आलोचनाओं के बीच आरसीबी के ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या मजबूती से उनके साथ खड़े नजर आए। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्रुणाल ने कहा कि एक या दो खराब पारियां कोहली जैसे महान खिलाड़ी का कद कम नहीं कर सकतीं। क्रुणाल ने कोहली के जज्बे की तारीफ करते हुए कहा कि वे खेल के प्रति बेहद समर्पित हैं और टीम के हर खिलाड़ी को उनसे प्रेरणा मिलती है। उन्होंने प्रशंसकों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि ‘किंग कोहली’ जल्द ही एक बड़ी पारी के साथ वापसी करेंगे और विरोधियों के दावों को शांत करेंगे।
आंकड़ों का गणित: क्या वाकई फॉर्म खराब है?
अगर हम केवल पिछले दो मैचों को छोड़ दें और इस पूरे सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें, तो तस्वीर उतनी धुंधली नजर नहीं आती जितनी बताई जा रही है। आईपीएल 2026 में कोहली का प्रदर्शन अब भी कई अन्य बल्लेबाजों से बेहतर है:
- कुल रन: 11 पारियों में 379 रन।
- औसत: 42.11 का शानदार औसत।
- स्ट्राइक रेट: 163 से अधिक की रफ्तार से रन बनाना।
- अर्धशतक: इस सीजन में अब तक 3 पचासे जड़ चुके हैं।
आंकड़े गवाह हैं कि कोहली रन बना रहे हैं, लेकिन समस्या उनकी पारी की शुरुआत और अंत के बीच के तालमेल की है।
अल्ट्रा-अटैकिंग अप्रोच: जोखिम और इनाम का खेल
इस सीजन में विराट कोहली के बल्लेबाजी स्टाइल में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने पुरानी ‘एंकर’ भूमिका को छोड़कर ‘अल्ट्रा-अटैकिंग’ रवैया अपनाया है। वे पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर हावी होने की कोशिश कर रहे हैं। इसी आक्रामक रुख के कारण उनका स्ट्राइक रेट तो 160 के पार पहुँच गया है, लेकिन वे अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर (शतक या 80+) में तब्दील करने में विफल रहे हैं। कई विशेषज्ञों का मानना है कि पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की चाहत में वे अपना विकेट जल्दी गंवा रहे हैं, जिससे आरसीबी का मिडिल ऑर्डर दबाव में आ जाता है।
आरसीबी के लिए ‘विराट’ पारी की जरूरत
टूर्नामेंट अब उस मोड़ पर पहुँच चुका है जहाँ हर मैच नॉकआउट जैसा है। आरसीबी को अगर खिताब के सूखे को खत्म करना है, तो उसे विराट कोहली के बल्ले से निकलने वाली एक बड़ी और इम्पैक्टफुल पारी की सख्त जरूरत है। क्रुणाल पांड्या जैसे साथियों का भरोसा यह दर्शाता है कि टीम के भीतर एकता और विश्वास कायम है। अब पूरी दुनिया की नजरें अगले मुकाबले पर टिकी हैं, जहाँ कोहली अपनी इस ‘रफ पैच’ (खराब दौर) को खत्म कर एक बार फिर ‘रन मशीन’ की तरह दहाड़ते नजर आ सकते हैं।