अफगानिस्तान सीरीज के लिए मजबूत टीम चुनने पर श्रीकांत नाराज, बोले- युवाओं को मौका न देना बड़ी गलती

अफगानिस्तान सीरीज के लिए मजबूत टीम चुनने पर श्रीकांत नाराज, बोले- युवाओं को मौका न देना बड़ी गलती

 

अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए मजबूत टीम चुनने पर पूर्व क्रिकेटर श्रीकांत ने चयनकर्ताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने युवाओं को मौका न देने को बड़ी गलती बताया।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज श्रीकांत ने अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम पर सवाल उठाया है। श्रीकांत का मानना है कि इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं ने जोखिम से बचने के लिए पूरी ताकत वाली टीम को चुना है। हालाँकि, एक पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि इस सीरीज में सभी बड़े खिलाड़ियों को शामिल करने की जरूरत नहीं थी, और टीम में कुछ युवा खिलाड़ियों को भी मौका मिल सकता था कि वे अपनी प्रतिभा दिखा सकें।

आगामी दिनों में भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी। भारतीय चयनकर्ताओं ने इस सीरीज के लिए अच्छी टीम घोषित की है। टीम में शामिल चार खिलाड़ियों में से चार की उपस्थिति फिटनेस मंजूरी पर निर्भर करेगी। श्रीकांत ने चयनकर्ताओं के इस निर्णय से नाराज होते हुए कहा कि टीम प्रबंधन हालिया सीरीज में मिली हार के बाद जोखिम नहीं लेना चाहता।

इंग्लैंड और आयरलैंड की हार के बाद रणनीति में बदलाव

भारत की आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार सीरीज हार से चयनकर्ताओं का नजरिया बदल गया है, श्रीकांत ने कहा। उनका मानना है कि इन हार के बाद टीम प्रबंधन ने अफगानिस्तान के खिलाफ मजबूत खिलाड़ियों को खेलाने का निर्णय लिया है।

अपने यूट्यूब चैनल पर एक पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि चयनकर्ताओं ने पिछली सीरीज में हार के बाद जोखिम नहीं लेने का निर्णय लिया और इसी कारण अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी ताकत वाली टीम चुनी गई है। उन्हें लगता था कि यह रणनीति गलत थी और टीम को कुछ नए खिलाड़ियों को आजमाने का अवसर देना चाहिए था।

श्रीकांत ने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को साबित करने का अच्छा अवसर बन सकती थी। ऐसे में मुख्य खिलाड़ियों को आराम देकर बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा सकता था।

टी20 विश्व कप के बाद कप्तान बदल गया

हाल ही में भारतीय टी20 टीम में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं। टी20 विश्व कप में भारत की जीत के बाद टीम का कप्तान श्रेयस अय्यर हुआ। भारतीय टीम को नए नेतृत्व के साथ बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन इसके बाद आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में बुरा प्रदर्शन हुआ।

लंबी हार ने भारतीय टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की रणनीति पर प्रश्नचिन्ह लगाए। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने इसके बाद मुंबई में एक समीक्षा बैठक भी बुलाई। माना जाता है कि इस समीक्षा के बाद टीम का प्रदर्शन और आगामी खेलों की रणनीति पर व्यापक बहस हुई।

श्रीकांत ने बताया कि क्या गलत था

श्रीकांत का मानना है कि अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी टीम को उतारना समस्या का हल नहीं है। उनका कहना था कि चयनकर्ताओं को इस श्रृंखला में युवा खिलाड़ियों को मौका देना चाहिए था। उनका कहना है कि नए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है अगर हर सीरीज में केवल अनुभवी और प्रमुख खिलाड़ियों को खेलने दिया जाएगा।

पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि चयनकर्ताओं ने हालिया हार के दबाव में यह निर्णय लिया हो सकता है। उन्हें लगता है कि टीम प्रबंधन अभी जोखिम नहीं लेना चाहता, इसलिए सभी प्रमुख नामों को टीम में शामिल किया गया है।

अपने यूट्यूब चैनल पर श्रीकांत ने चयनकर्ताओं के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी ताकत से उतर रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि यही निर्णय गलत था। उनका विचार है कि भविष्य की तैयारी को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम ने युवा खेलकों को भी मौका देना चाहिए था।

युवा खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर हो सकता था

भारतीय टीम के पास अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में जीत हासिल करने का मौका नहीं था, बल्कि भविष्य की टीम बनाने का अवसर भी था। टी20 क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों को शुरू में विदेशी अनुभव देना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे उन्हें दबाव में प्रदर्शन करने और विभिन्न परिस्थितियों में खुद को ढालने का अभ्यास मिलता है।

श्रीकांत ने भी इसी तरह की दलील दी है। उनका मानना है कि एक मजबूत टीम होने के बावजूद युवा खिलाड़ियों के लिए कुछ जगह खाली रह सकती थीं। इससे चयनकर्ताओं को आगामी बड़े टूर्नामेंट के लिए अधिक विकल्प मिलते और टीम की बेंच स्ट्रेंथ का परीक्षण होता।

अफगानिस्तान के खिलाफ जीत का लक्ष्य

भारतीय चयनकर्ताओं ने फिलहाल एक मजबूत टीम के साथ खेलने का निर्णय लिया है। ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव भी टीम पर रहेगा। भारतीय टीम हालिया हार के बाद जीत की ओर लौटना चाहेगी और नई कप्तानी में अपनी जगह बनाने की कोशिश करेगी।

अब देखने वाली बात होगी कि चयनकर्ताओं ने मजबूत टीम के साथ उतरने का निर्णय कितना प्रभावशाली साबित होता है। भारत सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करेगा तो चयनकर्ताओं की रणनीति मजबूत होगी, लेकिन टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाती तो युवाओं को मौका नहीं देने का निर्णय फिर चर्चा में आ सकता है। हालाँकि, श्रीकांत की टिप्पणी ने अफगानिस्तान सीरीज से पहले भारतीय टीम के चयन को लेकर बहस जरूर तेज कर दी है।

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