भगवंत मान सरकार पंजाब के 7.5 लाख बच्चों के लिए सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में ‘खेल पिटारा’ किट वितरित करेगी

भगवंत मान सरकार पंजाब के 7.5 लाख बच्चों के लिए सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में ‘खेल पिटारा’ किट वितरित करेगी

भगवंत मान सरकार पंजाब के सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में 3–8 वर्ष के 7.5 लाख बच्चों के लिए ‘खेल पिटारा’ किट प्रदान कर रही है। 9.3 करोड़ रुपये के निवेश से प्रारंभिक शिक्षा में खेल-आधारित और रचनात्मक शिक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

पंजाब के उज्ज्वल भविष्य के लिए दूरदर्शी सोच के साथ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार सरकारी प्राथमिक स्कूलों में ‘खेल पिटारा’ नामक एक व्यापक खेल-आधारित शिक्षण किट उपलब्ध कराएगी, जिसका उद्देश्य छोटे बच्चों के लिए मनोरंजक तरीके से सार्थक शिक्षा सुनिश्चित करना है। यह पहल पंजाब के भविष्य में एक दीर्घकालिक निवेश को दर्शाती है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार 3 से 8 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों पर ध्यान केंद्रित कर सीखने की नींव को प्रारंभिक स्तर पर ही मजबूत कर रही है, जो भविष्य की शैक्षणिक सफलता, आत्मविश्वास और बौद्धिक विकास को निर्धारित करती है।

यह पहल नर्सरी से दूसरी कक्षा तक के प्रारंभिक चरण में कक्षाओं को रोचक, बाल-केंद्रित और खेल-आधारित शिक्षण वातावरण में बदलने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसका उद्देश्य मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से सीखने की आदत को प्रोत्साहित करना है। यह अपनी तरह की पहली पहल है जिसे पंजाब सरकार द्वारा इस स्तर पर लागू किया जा रहा है। पंजाब भर के छोटे बच्चों के लिए बेहतर समझ और सार्थक शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु इस संबंध में प्रकाशित समस्त सामग्री पंजाबी भाषा में उपलब्ध कराई जा रही है।

खेल पिटारा क्या है?

‘खेल पिटारा’ एक व्यापक खेल-आधारित लर्निंग-टीचिंग मटेरियल किट है, जिसे 3 से 8 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए तैयार किया गया है और यह नर्सरी से दूसरी कक्षा तक को कवर करती है। यह किट बच्चों को रटने की बजाय मनोरंजक गतिविधियों और आपसी सहभागिता के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करती है। अनुभवात्मक, गतिविधि-आधारित और आनंददायक शिक्षण पद्धति के माध्यम से यह सीखने को स्वाभाविक बनाती है। ऐसी पहलों के माध्यम से भगवंत मान सरकार रटने की संस्कृति से हटकर गतिविधि-आधारित सहभागिता पर बल दे रही है, जिससे विद्यार्थियों में उनके शैक्षणिक जीवन की शुरुआत से ही जिज्ञासा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास जैसे गुण विकसित हों और पंजाब के भविष्य को नई दिशा मिले।

यह पहल विद्यार्थियों की कैसे सहायता करेगी

‘खेल पिटारा’ पहल कक्षाओं को अधिक रचनात्मक और बच्चों के अनुकूल बनाएगी। यह किट बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने, भाषा एवं संवाद कौशल को निखारने, रचनात्मकता और कल्पनाशक्ति को प्रोत्साहित करने, समस्या-समाधान क्षमता विकसित करने, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास सुनिश्चित करने तथा प्रारंभिक स्कूली शिक्षा से जुड़े तनाव और भय को कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

निष्क्रिय शिक्षण की बजाय बच्चे कहानी सुनाने, खेल, गतिविधियों और सहयोगात्मक कार्यों में भाग लेंगे, जिससे सीखना स्वाभाविक और आनंददायक बनेगा। प्रारंभिक स्तर पर निवेश करके सरकार सीखने की खाई को शुरुआत में ही समाप्त करना चाहती है, ताकि दीर्घकालीन कठिनाइयों से बचा जा सके और भविष्य में उच्च शिक्षा तथा करियर के अवसरों के लिए सक्षम पीढ़ी तैयार हो सके।

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किट में क्या शामिल है?

किट में प्रारंभिक कक्षाओं के लिए आयु-आधारित शिक्षण सामग्री शामिल है, जैसे — खिलौने और मैनिपुलेटिव्स, पहेलियाँ और खेल, स्टोरी कार्ड और फ्लैश कार्ड, पोस्टर और गतिविधि पुस्तिकाएँ, कठपुतलियाँ और खेल सामग्री, तथा शिक्षक संसाधन सामग्री।

प्रत्येक घटक भाषा, गणित, रचनात्मकता और सामाजिक शिक्षा सहित प्रमुख विकास क्षेत्रों में सहायता करता है, जिससे राज्य भर के बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा सके।

लाभार्थी और वितरण

इस पहल से राज्य भर में फाउंडेशनल स्टेज में अध्ययनरत लगभग 7.5 लाख बच्चों को लाभ मिलेगा। ‘खेल पिटारा’ किटें पंजाब के लगभग 12,856 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में वितरित की जाएंगी, जिससे प्रारंभिक कक्षाओं को व्यापक स्तर पर कवर किया जा सकेगा।

फाउंडेशनल स्टेज की कक्षाएँ संभालने वाले शिक्षकों को भी गतिविधि-आधारित शिक्षण सामग्री के माध्यम से संरचित सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि कक्षा में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

भगवंत मान सरकार इस पहल पर लगभग 9.3 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। खरीद प्रक्रिया समय पर पूरी कर ली गई है, वितरण अंतिम चरण में है और स्कूलों को आपूर्ति के आदेश जारी किए जा रहे हैं। यह किटें 1 अप्रैल तक सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में पहुंचा दी जाएंगी।

इस संबंध में पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सरकार का मानना है कि शिक्षा में वास्तविक परिवर्तन प्रारंभिक स्तर से ही शुरू होता है। उन्होंने कहा, “3 से 8 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में निवेश करके सरकार पंजाब के भविष्य में एक रणनीतिक और दीर्घकालिक निवेश कर रही है। ‘खेल पिटारा’ के माध्यम से बच्चे स्कूली शिक्षा को बोझ की बजाय खोज, रचनात्मकता और आत्मविश्वास निर्माण के रूप में अनुभव करेंगे। यह पहल मजबूत शैक्षणिक नींव बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके परिणाम आने वाले दशकों तक सार्थक रहेंगे।”

भगवंत मान सरकार की प्रारंभिक शिक्षा को बदलने की प्रतिबद्धता

यह पहल भगवंत सिंह मान सरकार की प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ करने और प्रत्येक बच्चे को आनंदमय एवं प्रेरक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने की दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

रटने-आधारित शिक्षा से हटकर खेल और गतिविधि-आधारित शिक्षण को बढ़ावा देकर सरकार न केवल पाठ्यक्रम में सुधार कर रही है, बल्कि अपने सबसे छोटे नागरिकों में निरंतर और दूरदर्शी निवेश के माध्यम से पंजाब के भविष्य को नया स्वरूप भी दे रही है।

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