धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्र आंदोलन खत्म होने के बाद कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी में प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधा। जानिए अभिनेत्री ने क्या कहा और क्यों उनका बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों के आंदोलन के समाप्त होने के बाद अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर प्रदर्शनकारियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि सार्वजनिक मंच पर दूसरों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करने वालों को अब लोगों की प्रतिक्रिया भी सुननी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कार्रवाई का जवाब अवश्य मिलता है और लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का समान अधिकार है। कंगना की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और इसे लेकर पक्ष-विपक्ष में बहस छिड़ गई है।
कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारियों पर साधा निशाना
अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में कंगना रनौत ने लिखा कि जो प्रदर्शनकारी आज सड़कों पर आम लोगों के विरोध और नाराजगी का सामना कर रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि यदि वे खुलकर बोलते हैं तो दूसरों को भी जवाब देने का अधिकार है। उन्होंने लिखा कि अगर कोई सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो जनता भी उसके खिलाफ आवाज उठाएगी। कंगना ने कहा कि यदि किसी को देश या नेतृत्व से समस्या है और उसने सार्वजनिक रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है, तो अब उसे उन लोगों की बात भी सुननी चाहिए जो देश से प्रेम करते हैं और जिन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से वर्तमान सरकार को चुना है।
‘हर कार्रवाई की बराबर प्रतिक्रिया होती है’
कंगना रनौत ने अपने संदेश में आगे लिखा कि अब किसी को शिकायत नहीं करनी चाहिए क्योंकि “Every action has an equal and opposite reaction” यानी हर कार्रवाई की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। उन्होंने कहा कि अगर पहले यह बात समझ में नहीं आई थी, तो अब अच्छी तरह समझ में आ जाएगी। अभिनेत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई यूजर्स इसे लेकर असहमति भी जता रहे हैं।
फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट पर भी हुआ खुलासा
इसी बीच सोशल मीडिया पर कंगना रनौत के नाम से एक कथित इंस्टाग्राम स्टोरी भी वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें देश का शिक्षा मंत्री बनाने की मांग की है। हालांकि, यह दावा पूरी तरह गलत निकला। ऐसी कोई स्टोरी कंगना रनौत ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा नहीं की थी। यह पोस्ट फर्जी बताई गई है और इसका अभिनेत्री से कोई संबंध नहीं है।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे में क्या कहा
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया मंच X पर एक पत्र साझा किया। उन्होंने लिखा कि पिछले चार दशकों से वे छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका हमेशा यह विश्वास रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव होती है।
अपने पत्र में उन्होंने परीक्षा पेपर लीक विवाद का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही इस पूरे मामले की जिम्मेदारी स्वीकार की और कभी उससे पीछे नहीं हटे। उन्होंने लिखा कि उनका उद्देश्य हमेशा यह रहा कि किसी भी योग्य छात्र को परीक्षा माफिया के कारण नुकसान न उठाना पड़े और किसी छात्र के साथ अन्याय न हो।
प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को देश का नया शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। उन्होंने 25 जुलाई 2026 को मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया। सरकार की ओर से उम्मीद जताई गई है कि नई शिक्षा नीतियों को आगे बढ़ाने और छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान की दिशा में काम तेज़ी से जारी रहेगा।
सोशल मीडिया पर जारी है बहस
कंगना रनौत की नई पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। एक वर्ग उनके बयान को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों के संदर्भ में सही ठहरा रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे आंदोलनकारियों पर अनावश्यक टिप्पणी बता रहा है। वहीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति के बाद शिक्षा व्यवस्था और हालिया घटनाक्रम को लेकर भी चर्चा जारी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस पूरे मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर किस तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।