कालकाजी में प्रॉपर्टी डीलर की मौत पर AAP का BJP सरकार पर हमला, कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल

कालकाजी में प्रॉपर्टी डीलर की मौत पर AAP का BJP सरकार पर हमला, कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल

 

दिल्ली के कालकाजी में प्रॉपर्टी डीलर की मौत के बाद AAP ने कानून-व्यवस्था को लेकर BJP सरकार पर सवाल उठाए। जानें मामले में पुलिस की जांच और अब तक की कार्रवाई।

दिल्ली के कालकाजी इलाके में 48 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर मंजीत सिंह की कथित मारपीट में मौत के बाद राजधानी की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, रविवार तड़के एल ब्लॉक इलाके में एक इमारत के ग्राउंड और थर्ड फ्लोर के निवासियों के बीच विवाद के बाद झड़प हुई। मंजीत सिंह को गंभीर हालत में AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनके भाई दिलबाग सिंह भी इस घटना में घायल हुए और उनके पैर में फ्रैक्चर आया।

इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की BJP सरकार पर निशाना साधते हुए राजधानी में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। AAP की ओर से कहा गया कि दिनदहाड़े हिंसा की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है और दिल्ली सरकार को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर जवाब देना चाहिए। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन आती है, जबकि दिल्ली की निर्वाचित सरकार की पुलिस पर प्रत्यक्ष प्रशासनिक कमान नहीं है।

संपत्ति विवाद के बाद बढ़ा मामला

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, विवाद एक आवासीय इमारत में किए गए निर्माण और उसके आसपास किए जा रहे बदलावों से जुड़ा था। पुलिस ने बताया कि थर्ड फ्लोर के मालिक ने कथित तौर पर स्वीकृत नक्शे से अतिरिक्त कमरे बनाए थे, जबकि ग्राउंड फ्लोर के मालिक मंजीत सिंह अपने घर के बाहर अतिरिक्त सीढ़ियां बना रहे थे। इस निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से मतभेद थे। मामले में नगर निगम से शिकायत और अदालत का रुख किए जाने की बात भी सामने आई है।

इसके बाद शनिवार रात विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार, आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और घटनाक्रम की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं।

तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश

पुलिस के अनुसार, इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विवाद किस तरह हिंसक झड़प में बदला और इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका क्या थी।

AAP ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी ने इस घटना को दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ते हुए BJP पर राजनीतिक हमला किया है। AAP का आरोप है कि राजधानी में अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं और सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में प्रभावी नहीं दिख रही है। पार्टी ने सवाल उठाया कि दिल्ली में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कौन लेगा।

हालांकि, कालकाजी की घटना के बारे में उपलब्ध पुलिस जानकारी इसे एक स्थानीय संपत्ति विवाद के बाद हुई हिंसक झड़प के रूप में बताती है। इसलिए इस घटना को किसी संगठित आपराधिक गिरोह से जोड़ना या पूरी दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर व्यापक निष्कर्ष निकालना अभी जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।

दिल्ली में सुरक्षा को लेकर फिर बहस

कालकाजी की घटना ऐसे समय सामने आई है जब दिल्ली में हाल के दिनों में अलग-अलग आपराधिक घटनाओं को लेकर सुरक्षा और पुलिसिंग पर राजनीतिक बहस तेज हुई है। इससे पहले सितंबर में नरेला में एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या का मामला भी सामने आया था।

कालकाजी मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और हिंसा में कौन-कौन लोग शामिल थे। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। AAP ने इस घटना के जरिए BJP सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि घटना की आपराधिक जांच दिल्ली पुलिस द्वारा की जा रही है।

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