जोधपुर का कायाकल्प: नया एयरपोर्ट टर्मिनल और क्षेत्रीय विमानन का नया युग

जोधपुर का कायाकल्प: नया एयरपोर्ट टर्मिनल और क्षेत्रीय विमानन का नया युग

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन किया और संशोधित ‘उड़ान’ योजना का शुभारंभ किया। जानें कैसे ये पहल राजस्थान और भारत के विमानन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

आज 4 जुलाई 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान के जोधपुर में बुनियादी ढांचे और विमानन क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करने के लिए एक ऐतिहासिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री ने जोधपुर एयरपोर्ट के नवनिर्मित टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया है और साथ ही देश के क्षेत्रीय विमानन परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए संशोधित ‘उड़ान’ (UDAN) योजना का शुभारंभ किया है। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी उनके साथ उपस्थित रहे। यह परियोजना न केवल जोधपुर के लिए बल्कि पूरे पश्चिमी राजस्थान की आर्थिक और पर्यटन संभावनाओं को पंख लगाने वाली साबित होगी।

आधुनिक और विरासत का अनूठा संगम: जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल

जोधपुर एयरपोर्ट का यह नया टर्मिनल भवन आधुनिक वास्तुकला और राजस्थान की समृद्ध शाही विरासत का एक अद्भुत उदाहरण है। लगभग 23,000 वर्ग मीटर में फैले इस टर्मिनल को 480 करोड़ रुपये की भारी निवेश राशि से तैयार किया गया है। इसकी क्षमता प्रतिवर्ष 20 लाख (2 मिलियन) यात्रियों को संभालने की है, जो शहर में बढ़ती हवाई यातायात की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा।

टर्मिनल की वास्तुकला में पारंपरिक राजस्थानी तत्वों जैसे मेहराब (arches) और झरोखों (jharokhas) का समावेश किया गया है, जो यात्रियों को प्रवेश करते ही राजस्थान की भव्य संस्कृति का अनुभव कराते हैं। इसके साथ ही, इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है ताकि यात्रियों को एक सहज और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके। स्थिरता (sustainability) को प्राथमिकता देते हुए, इस टर्मिनल में ऊर्जा-कुशल प्रणालियों, जल संरक्षण के उपायों और हरित भवन निर्माण तकनीकों को अपनाया गया है, जिसका लक्ष्य इसे 5-स्टार GRIHA रेटिंग प्रदान करना है। इस नए टर्मिनल के खुलने से जोधपुर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार के नए अवसर खुलेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के द्वार भी विस्तृत होंगे।

‘उड़ान’ योजना का नया चरण: हवाई संपर्क का विस्तार

प्रधानमंत्री ने जोधपुर से ही संशोधित ‘उड़ान’ (UDAN – Ude Desh ka Aam Nagrik) योजना के नए चरण का शुभारंभ किया, जो भारत के नागरिक उड्डयन इतिहास में एक मील का पत्थर है। आगामी 10 वर्षों के लिए इस योजना के तहत लगभग 28,840 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूती प्रदान करना है। यह योजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को और अधिक सशक्त करती है।

इस संशोधित योजना के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित हैं:

  • 100 नए हवाई अड्डों का विकास: मौजूदा गैर-सेवारत हवाई पट्टियों (unserved airstrips) को विकसित करके 100 नए हवाई अड्डों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है, ताकि देश के दूरदराज के क्षेत्रों तक हवाई संपर्क पहुंचाया जा सके।
  • परिचालन और रखरखाव (O&M) सहायता: क्षेत्रीय हवाई अड्डों को उनकी शुरुआती संचालन अवधि के दौरान आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित की गई है।
  • दुर्गम क्षेत्रों के लिए हेलिपैड: दुर्गम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की चुनौतियों को दूर करने के लिए 200 आधुनिक हेलिपैड बनाने का प्रस्ताव है।
  • व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF): एयरलाइंस के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की VGF सहायता जारी रहेगी, ताकि क्षेत्रीय उड़ानों को निरंतर और व्यावसायिक रूप से टिकाऊ बनाया जा सके।
  • स्वदेशी विमानों को प्रोत्साहन: ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बढ़ावा देने के लिए HAL ध्रुव और डॉर्नियर जैसे स्वदेशी विमानों और हेलीकॉप्टरों के अधिग्रहण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे इन क्षेत्रों में परिचालन और अधिक प्रभावी हो सके।

भविष्य की ओर अग्रसर राजस्थान

जोधपुर के बाद, प्रधानमंत्री का कार्यक्रम बलोतरा में भी निर्धारित है, जहाँ वे लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह बड़े पैमाने पर विकास कार्य न केवल राजस्थान की तस्वीर बदलेंगे, बल्कि देश के बुनियादी ढांचे को एक वैश्विक स्तर पर ले जाने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को भी दर्शाते हैं।

जोधपुर में नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन और उड़ान योजना का विस्तार यह स्पष्ट करता है कि भारत अब छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए तत्पर है। इससे न केवल आम नागरिक का हवाई यात्रा का सपना साकार होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार सृजन के मामले में देश की प्रगति को एक नई गति मिलेगी। आज का दिन राजस्थान के लिए विकास के एक नए युग के उदय का प्रतीक है।

 

 

 

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