सौरभ भारद्वाज ने ‘जंतर-मंतर 2.0’ आंदोलन को लेकर कहा कि लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिशों का विरोध किया जाएगा। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने और वैकल्पिक नेतृत्व मजबूत करने पर जोर दिया।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने ‘जंतर-मंतर 2.0’ आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज है। सौरभ भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को हर परिस्थिति में जारी रखा जाना चाहिए और आंदोलन को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का मजबूती से सामना किया जाएगा।
‘लड़ेंगे और जीतेंगे’, सौरभ भारद्वाज का संदेश
सौरभ भारद्वाज ने अपने संदेश में कहा कि आंदोलन से जुड़े लोगों को पीछे हटने के बजाय अपनी लोकतांत्रिक आवाज को और मजबूती से उठाना चाहिए। उन्होंने ‘हम लड़ेंगे, हम जीतेंगे’ का संदेश देते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में 10 अक्टूबर का दिन पीछे हटने का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज को और बुलंद करने का है।
झूठे मुकदमों को लेकर जताई चिंता
लड़ेंगे, जीतेंगे✊
जंतर-मंतर 2.0’ की मजबूत होती आवाज़ को दबाने के लिए कई नेताओं और संगठनों को झूठे मामलों में फंसाने की आशंका है।
📅10 अक्टूबर—अब पीछे हटने का नहीं, अपनी लोकतांत्रिक आवाज़ बुलंद करने का दिन है।
ये शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर हाल में जारी रहना चाहिए। नेतृत्व किसी एक चेहरे तक सीमित न रहे, वैकल्पिक नेतृत्व और मजबूत संचार व्यवस्था तैयार रहे।
यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संगठन से बड़ा है। यह जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज़ है।
@Saurabh_MLAgk
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) October 5, 2026
AAP नेता ने आशंका जताई कि ‘जंतर-मंतर 2.0’ की बढ़ती आवाज को दबाने के लिए कई नेताओं और संगठनों को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी कार्रवाई से आंदोलन की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए चल रहे शांतिपूर्ण विरोध को परिस्थितियां चाहे जैसी हों, जारी रखना जरूरी है।
आंदोलन में वैकल्पिक नेतृत्व की जरूरत
सौरभ भारद्वाज ने आंदोलन के नेतृत्व को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि नेतृत्व केवल किसी एक चेहरे तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके लिए वैकल्पिक नेतृत्व तैयार करने के साथ-साथ एक मजबूत संचार व्यवस्था भी होनी चाहिए, ताकि किसी एक व्यक्ति की अनुपस्थिति से आंदोलन प्रभावित न हो।
‘यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं’
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या संगठन से कहीं बड़ा है। उन्होंने इसे जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज बताया। उनके अनुसार, आंदोलन की ताकत लोगों की भागीदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास से आती है। ऐसे में इसे व्यापक जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की अपील
AAP नेता ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने और सवाल पूछने का अधिकार जनता के पास होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आंदोलन से जुड़े लोगों से संयम बनाए रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहने का आह्वान किया।