सिगरेट पीना हुआ और महंगा: ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स ने बढ़ाए दाम; शेयर बाजार में आई तेजी

सिगरेट पीना हुआ और महंगा: ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स ने बढ़ाए दाम; शेयर बाजार में आई तेजी

आईटीसी (ITC) और गॉडफ्रे फिलिप्स (Godfrey Phillips) ने चुनिंदा सिगरेट ब्रांड्स के दाम बढ़ा दिए हैं। सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी 2025 में हुए बदलाव के बाद कीमतों में यह बढ़ोतरी की गई है।

तंबाकू और सिगरेट उद्योग की दो सबसे बड़ी दिग्गज कंपनियों, आईटीसी (ITC) और गॉडफ्रे फिलिप्स (Godfrey Phillips) ने अपने कई प्रमुख सिगरेट सेगमेंट्स की कीमतों में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। मंगलवार को इस खबर के सामने आते ही दोनों कंपनियों के शेयरों में भारी उछाल देखा गया और ये करीब 2 फीसदी तक मजबूत हो गए।

एनडीटीवी प्रॉफिट (NDTV Profit) की एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्रोकरेज फर्म बीएंडके सिक्योरिटीज (B&K Securities) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में इस मूल्य वृद्धि की पुष्टि की है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर सिगरेट उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला है, क्योंकि कंपनियां बढ़ी हुई एक्साइज ड्यूटी का बोझ पूरी तरह से ग्राहकों पर डाल रही हैं।

पॉकेट मार्सबोरो और गोल्ड फ्लेक सुपरस्टार की कीमतों में भारी उछाल

ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों ने अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले और लोकप्रिय ब्रांड्स की कीमतों में सीधे तौर पर बदलाव किया है।

  • गॉडफ्रे फिलिप्स (Godfrey Phillips): कंपनी ने अपने बेहद लोकप्रिय ‘पॉकेट मार्लबोरो’ (Pocket Marlboro) की कीमत को 70 रुपये से बढ़ाकर सीधे 85 रुपये कर दिया है।
  • आईटीसी (ITC): देश की सबसे बड़ी सिगरेट निर्माता कंपनी आईटीसी ने अपने ‘गोल्ड फ्लेक सुपरस्टार’ (Gold Flake Superstar) के दाम को 70 रुपये से बढ़ाकर 79 रुपये प्रति पैक कर दिया है।

बीएंडके सिक्योरिटीज के विश्लेषण के अनुसार, ये दोनों ही प्रोडक्ट्स कंपनियों की कुल बिक्री (Overall Sales) में लगभग 8 से 12 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखते हैं। इसका मतलब यह है कि इस मूल्य वृद्धि का देश भर के एक बहुत बड़े ग्राहक वर्ग पर सीधा और बड़ा वित्तीय प्रभाव पड़ेगा।

खबर के बाद आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में तेजी

सिगरेट के दाम बढ़ने से कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन में सुधार होने की उम्मीद के चलते शेयर बाजार के निवेशकों ने इन शेविंग्स में जमकर खरीदारी की।

मंगलवार को सुबह करीब 10:30 बजे बाजार के कारोबार के दौरान गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयर 1.41 प्रतिशत की छलांग लगाकर 2,347 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे थे। वहीं, दूसरी ओर बाजार की दिग्गज कंपनी आईटीसी (ITC) के शेयर भी करीब 1 फीसदी की मजबूती के साथ 312 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर ट्रेड करते देखे गए।

बजट और नए एक्साइज नियमों के बाद दूसरी बड़ी बढ़ोतरी

सिगरेट कंपनियों द्वारा इस साल की यह दूसरी बड़ी मूल्य वृद्धि है। इससे पहले फरवरी में घोषित हुए एक्साइज ड्यूटी हाइक के बाद भी कंपनियों ने कीमतों में बदलाव किया था। रिपोर्ट के अनुसार, इस नए प्राइस हाइक का सबसे बड़ा झटका प्रीमियम सिगरेट सेगमेंट (Premium Segment Cigarettes) को लगा है, क्योंकि उनकी कीमतों में सबसे तीखी और सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

दरअसल, यह पूरी बढ़ोतरी भारत सरकार द्वारा तंबाकू टैक्स स्ट्रक्चर में किए गए बड़े बदलावों का परिणाम है। साल 2017 में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने के बाद पहली बार वित्त मंत्रालय ने तंबाकू कराधान (Tobacco Taxation) को पूरी तरह से रीसेट किया है। सरकार ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम और केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत नई एक्साइज ड्यूटी को अधिसूचित किया है। इस संशोधित ढांचे के जरिए सिगरेट पर सार्थक एक्साइज लेवी (Excise Levies) को फिर से लागू किया गया है, जो पिछले लगभग सात वर्षों से काफी हद तक अपरिवर्तित थी।

क्या है नया टैक्स ढांचा और क्यों बढ़े दाम?

नए नियमों और केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत अब सिगरेट पर उनकी लंबाई (Length) और वे फिल्टर हैं या नॉन-फिल्टर, इसके आधार पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये प्रति 1,000 स्टिक्स (Sticks) की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाई जा रही है।

यह अतिरिक्त ड्यूटी पहले से लागू 40% तक के अधिकतम जीएसटी (GST) के ऊपर से लगाई गई है। इस वजह से सिगरेट पर कुल टैक्स का बोझ (Tax Burden) काफी बढ़ गया है और कंपनियां इसे खुद वहन करने के बजाय सीधे रिटेल कीमतों के जरिए उपभोक्ताओं से वसूल रही हैं। यही कारण है कि लंबी और फिल्टर वाली सिगरेट श्रेणियों में सबसे तेज और सबसे बड़ी मूल्य वृद्धि देखी जा रही है।

Related posts

भारतीय शेयर बाज़ार में सुस्त चाल: निफ्टी और सेंसेक्स एक सीमित दायरे में, निवेशकों की सतर्कता जारी

शेयर बाज़ार अपडेट: 29 मई को सुस्त शुरुआत के संकेत, ईरान-अमेरिका तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

एंथ्रोपिक बनी दुनिया की सबसे मूल्यवान एआई स्टार्टअप: ओपनएआई को पीछे छोड़ते हुए 1 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य के करीब

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More