भारतीय आईटी शेयरों में 9 अक्टूबर को तेजी दर्ज की गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.86 प्रतिशत चढ़ा, जबकि टीसीएस के मजबूत तिमाही नतीजों और एंथ्रोपिक के साथ साझेदारी से हेक्सावेयर के शेयरों में उछाल आया।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। अमेरिकी सरकार की ओर से कई बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों को स्थायी श्रम प्रमाणन यानी PERM कार्यक्रम से अस्थायी रूप से निलंबित किए जाने के बावजूद निवेशकों ने आईटी शेयरों में खरीदारी की। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.86 प्रतिशत चढ़कर 28,530.70 के स्तर पर पहुंच गया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के मजबूत तिमाही नतीजों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कारोबारी संभावनाओं ने भी बाजार की धारणा को सहारा दिया। वहीं, Hexaware Technologies के शेयरों में एंथ्रोपिक के साथ बहुवर्षीय साझेदारी की घोषणा के बाद करीब 11 प्रतिशत तक उछाल आया। हालांकि, अमेरिकी आव्रजन नियमों से जुड़ी नई अनिश्चितता के कारण आईटी क्षेत्र पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
TCS, Infosys और HCL Tech के शेयरों में तेजी
शुक्रवार सुबह 9:25 बजे के आसपास बड़े आईटी शेयरों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज सबसे आगे रही। कंपनी का शेयर 3.98 प्रतिशत बढ़कर 2,158.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इंफोसिस के शेयर में 2.89 प्रतिशत की तेजी आई और यह 1,025.85 रुपये पर पहुंच गया। वहीं, एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर 2.71 प्रतिशत चढ़कर 1,208.80 रुपये पर कारोबार करता दिखा। विप्रो के शेयर में भी 2.44 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और इसका भाव 162.25 रुपये रहा।
अन्य आईटी कंपनियों में कोफोर्ज का शेयर 2.93 प्रतिशत बढ़कर 1,867.50 रुपये, टाटा एलेक्सी 2.80 प्रतिशत चढ़कर 3,079.90 रुपये और केपीआईटी टेक्नोलॉजीज 2.99 प्रतिशत बढ़कर 485.10 रुपये पर पहुंच गया। ब्लैक बॉक्स और फर्स्टसोर्स सॉल्यूशंस के शेयरों में भी मजबूती रही। हालांकि, ओरिएंट टेक्नोलॉजीज उन चुनिंदा शेयरों में शामिल रही, जिनमें गिरावट दर्ज की गई।
Hexaware Technologies के शेयर करीब 11% उछले
Hexaware Technologies के शेयरों में सुबह के कारोबार के दौरान करीब 11 प्रतिशत की तेजी आई। कंपनी ने एंथ्रोपिक के साथ बहुवर्षीय साझेदारी की घोषणा की है। इस समझौते के तहत Hexaware, Anthropic के Claude Partner Network में पसंदीदा साझेदार बनेगी।
इस साझेदारी के माध्यम से कंपनी अपने एआई-आधारित इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म Zerovity और एजेंट निर्माण एवं प्रबंधन प्लेटफॉर्म AgentVerse में Claude की क्षमताओं को शामिल करेगी। AgentVerse में 600 से अधिक पहले से तैयार एआई एजेंट उपलब्ध हैं। कंपनियां तेजी से एआई तकनीक अपना रही हैं, ऐसे में इस तरह की साझेदारियों से आईटी सेवा प्रदाताओं के लिए नए कारोबारी अवसर पैदा होने की उम्मीद है। हालांकि, इन अवसरों का वास्तविक वित्तीय लाभ कंपनी की एआई सेवाओं को ग्राहकों तक पहुंचाने और उनसे राजस्व अर्जित करने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
TCS के तिमाही नतीजों से बाजार को मिला सहारा
आईटी शेयरों में तेजी के पीछे TCS के सितंबर तिमाही के नतीजे भी एक अहम कारण रहे। देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के परिणाम घोषित किए। कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.9 प्रतिशत बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान राजस्व में 11.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 73,188 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
डॉलर के लिहाज से कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 2.4 प्रतिशत बढ़कर 7.64 अरब डॉलर रहा। स्थिर मुद्रा आधार पर तिमाही-दर-तिमाही राजस्व वृद्धि 0.5 प्रतिशत दर्ज की गई। कंपनी का परिचालन मार्जिन 24 प्रतिशत रहा, जबकि तिमाही के दौरान कुल अनुबंध मूल्य यानी TCV 9.6 अरब डॉलर रहा। TCS का सालाना आधार पर अनुमानित एआई राजस्व भी 3.1 अरब डॉलर से अधिक हो गया।
ये नतीजे ऐसे समय आए हैं, जब निवेशक वैश्विक तकनीकी खर्च, नई परियोजनाओं और आईटी सेवाओं की मांग में सुधार के संकेत तलाश रहे हैं। हालांकि, विदेशी बाजारों में मांग अभी भी चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित है और कुछ ग्राहकों की ओर से परियोजनाओं को टालने का असर भी कंपनियों की वृद्धि पर पड़ रहा है।
ब्रोकरेज ने TCS पर बरकरार रखी ‘ADD’ रेटिंग
Choice Broking के अनुसार, TCS के नतीजे काफी हद तक उम्मीदों के अनुरूप रहे। ब्रोकरेज ने कहा कि मांग के माहौल में चुनौतियों के बावजूद कंपनी की वृद्धि विभिन्न क्षेत्रों और भौगोलिक बाजारों में फैली है। वित्तीय सेवाओं, विनिर्माण और टेक्नोलॉजी सेवाओं से कंपनी को समर्थन मिला। मजबूत अनुबंध मूल्य और एआई से बढ़ती कमाई को भी सकारात्मक संकेत माना गया।
हालांकि, ब्रोकरेज ने मूल्य निर्धारण पर दबाव, परियोजनाओं में देरी और कंपनी के निवेश संबंधी खर्चों को संभावित चुनौतियों में शामिल किया। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में मौसमी प्रभाव और अन्य निवेश मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं। Choice Broking ने TCS के लिए 2,170 रुपये का लक्ष्य मूल्य बरकरार रखते हुए ‘ADD’ रेटिंग जारी रखी है। यह ब्रोकरेज का आकलन है, शेयर के भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं।
अमेरिकी PERM सस्पेंशन से आईटी कंपनियों के सामने नई चुनौती
आईटी शेयरों में तेजी के बीच अमेरिकी सरकार का PERM कार्यक्रम से जुड़ा फैसला क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। TCS, इंफोसिस, विप्रो और HCLTech समेत कई टेक्नोलॉजी कंपनियों को इस कार्यक्रम से अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है। PERM प्रक्रिया का इस्तेमाल अमेरिकी नियोक्ता पात्र विदेशी कर्मचारियों के लिए रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड प्रायोजित करने में करते हैं।
इस कदम से प्रभावित कर्मचारियों की स्थायी निवास प्रक्रिया जटिल हो सकती है। साथ ही, अमेरिका में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के साथ काम करने वाली कंपनियों के सामने प्रतिभाओं को बनाए रखने और कर्मचारियों की तैनाती की योजना बनाने से जुड़ी अनिश्चितता बढ़ सकती है।
हालांकि, PERM प्रक्रिया पर रोक और H-1B वीजा कार्यक्रम अलग-अलग हैं। इस निलंबन का अर्थ अपने आप यह नहीं है कि मौजूदा H-1B वीजा की स्थिति रद्द हो गई है। ऐसे में कंपनियों पर इसका वास्तविक प्रभाव निलंबन की अवधि, लागू नियमों और प्रभावित कर्मचारियों की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
कुल मिलाकर, शुक्रवार को आईटी शेयरों में तेजी को मजबूत तिमाही नतीजों, एआई से जुड़े कारोबारी अवसरों और चुनिंदा कंपनियों की नई साझेदारियों से समर्थन मिला। दूसरी ओर, अमेरिकी आव्रजन नीति और वैश्विक तकनीकी खर्च को लेकर बनी अनिश्चितता निवेशकों के लिए आगे भी महत्वपूर्ण कारक रहेगी।