आप नेता इसुदान गढ़वी ने 700 लोगों के वोटिंग अधिकार छीनने पर भाजपा को घेरा। गढ़वी ने भाजपा की तुलना शेख हसीना से करते हुए इसे गुजरात के लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी बताया
आम आदमी पार्टी (AAP) के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भाजपा सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। गढ़वी ने भाजपा द्वारा 700 लोगों के वोटिंग अधिकार छीनने को ‘ऐतिहासिक’ बताने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे गुजरात और देश के लोकतंत्र के लिए “रेड लाइट” (खतरे का संकेत) करार दिया है।
“वोटिंग अधिकार छीनना जश्न की बात नहीं”
ભાજપે ઉજવણી કરી છે કે 700 લોકો અમારા બિનહરીફ થયા ને ઈતિહાસમાં પહેલી વખત થયું, તમે લોકોના મતાધિકાર છીનવ્યા છે અને એની ઉજવણી કરો છો, મીઠા મોઢા કરાવો છો અને તમે એને ઐતિહાસિક ઘટના ગણાવો છો?
લોકતંત્ર માટે અને આપણા ગુજરાત માટે આ લાલબત્તી સમાન છે. લોકશાહીનો અર્થ શું છે? આવી જ રીતે… pic.twitter.com/JMMj2v7o6r
— AAP Gujarat (@AAPGujarat) April 16, 2026
इसुदान गढ़वी ने अपने पोस्ट में भाजपा को घेरते हुए कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि किसी सरकार ने जनता के मौलिक अधिकारों पर डाका डाला है और उसका जश्न मना रही है। उन्होंने कहा:
“भाजपा जश्न मना रही है कि 700 लोगों को उनके मताधिकार से वंचित कर दिया गया। आपने लोगों का वोट देने का अधिकार छीन लिया और इसे ‘ऐतिहासिक घटना’ बताकर मीठी-मीठी बातें कर रहे हैं? यह लोकतंत्र और हमारे गुजरात के लिए एक खतरे की निशानी है।”
शेख हसीना और बांग्लादेश का दिया उदाहरण
अपने कड़े प्रहार में गढ़वी ने पड़ोसी देश बांग्लादेश के हालिया राजनीतिक संकट का उदाहरण देते हुए भाजपा की कार्यशैली की तुलना शेख हसीना से की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा:
- विपक्ष को जेल: “लोकतंत्र का असली मतलब क्या है? बिल्कुल यही काम बांग्लादेश में शेख हसीना ने किया था—तमाम विपक्षी दलों को जेल में डाल दिया।”
- धांधली से बहुमत: “धांधली के जरिए 85% बहुमत हासिल कर सरकार बनाई और प्रधानमंत्री बन गईं।”
- जनता का आक्रोश: “लेकिन अंत में क्या हुआ? जनता ने उन्हें खदेड़ दिया। सत्ता का अहंकार जनता के अधिकारों के सामने कभी नहीं टिकता।”
गुजरात की अस्मिता और लोकतंत्र पर प्रहार
इसुदान गढ़वी ने स्पष्ट किया कि गुजरात की जनता जागरूक है और अपने अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जनता के वोट छीनकर उसे ‘ऐतिहासिक’ बताना लोकतंत्र की परिभाषा को शर्मसार करना है। AAP नेता ने आह्वान किया कि अगर आज आवाज नहीं उठाई गई, तो भविष्य में लोकतंत्र केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा।