सावधान! हफ़्ते में सिर्फ एक दिन शराब पीना भी सेहत के लिए है खतरनाक, जानें क्या कहती है रिसर्च

सावधान! हफ़्ते में सिर्फ एक दिन शराब पीना भी सेहत के लिए है खतरनाक, जानें क्या कहती है रिसर्च

क्या हफ़्ते में एक बार शराब पीना सुरक्षित है? जानें बिंज ड्रिंकिंग के शरीर पर होने वाले घातक असर और हार्ट-लीवर पर इसके प्रभाव के बारे में

अक्सर लोग सोचते हैं कि पूरे हफ़्ते संयम बरतने के बाद शनिवार या रविवार को शराब पीना शरीर को नुकसान नहीं पहुँचाएगा। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ‘बिंज ड्रिंकिंग’ (Binge Drinking) यानी एक ही दिन में ज्यादा मात्रा में शराब पीना, रोज़ाना थोड़ी मात्रा में पीने से भी ज्यादा घातक हो सकता है।

हफ़्ते में एक दिन की ड्रिंकिंग के 4 बड़े नुकसान

1. बिंज ड्रिंकिंग का खतरा

जब कोई व्यक्ति हफ़्ते में एक ही दिन पीता है, तो अक्सर वह उस दिन अपनी सीमा से ज्यादा (4-5 पेग या उससे अधिक) पी लेता है। इसे ‘बिंज ड्रिंकिंग’ कहते हैं। यह सीधे आपके लीवर पर भारी दबाव डालता है और ‘एक्यूट लीवर इंजरी’ का कारण बन सकता है।

2. हृदय रोग और स्ट्रोक (Heart Health)

भले ही आप हफ़्ते में एक बार पीते हों, लेकिन शराब की अचानक बढ़ी हुई मात्रा आपके ब्लड प्रेशर को स्पाइक (तेजी से बढ़ा) कर सकती है। इससे ‘एट्रियल फिब्रिलेशन’ (दिल की धड़कन का अनियमित होना) का खतरा बढ़ जाता है, जो आगे चलकर स्ट्रोक या हार्ट अटैक की वजह बन सकता है।

3. नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर असर

शराब पीने के बाद भले ही आपको जल्दी नींद आ जाए, लेकिन यह आपकी REM (Deep Sleep) को खराब करती है। एक रात की भारी ड्रिंकिंग आपके आने वाले 3-4 दिनों के स्लीप साइकिल और मानसिक एकाग्रता (Focus) को बिगाड़ सकती है। इससे एंग्जायटी और चिड़चिड़ापन बढ़ता है।

4. कैंसर का बढ़ता जोखिम

‘द लैंसेट’ (The Lancet) जैसी प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, शराब की कोई भी मात्रा (चाहे वह हफ़्ते में एक बार ही क्यों न हो) पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। शराब का सेवन सीधे तौर पर मुँह, गले, ब्रेस्ट और लीवर के कैंसर से जुड़ा पाया गया है।

क्या कहती है वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO)?

WHO ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि “शराब का कोई भी स्तर स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं है।” शराब एक कार्सिनोजेनिक (कैंसर पैदा करने वाला) पदार्थ है। हफ़्ते में एक दिन पीने से भी शरीर में टॉक्सिन्स जमा होते हैं, जिन्हें निकालने में अंगों को काफी मेहनत करनी पड़ती है।

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