भारत की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी इंफोसिस ने ₹1800 करोड़ के शेयर बायबैक की घोषणा की है। इस बायबैक के तहत कंपनी अपने शेयर ₹1800 प्रति शेयर की कीमत पर खरीदने जा रही है, जो पिछले ट्रेडिंग प्राइस से 23% का प्रीमियम है। यह बायबैक कंपनी के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा और पांचवां बायबैक होगा, और इसे टेंडर ऑफर के माध्यम से किया जाएगा।
बायबैक का उद्देश्य और प्रक्रिया
इंफोसिस ने 14 नवंबर 2025 को रिकॉर्ड डेट तय की है, यानी इस दिन तक जिन निवेशकों के पास इंफोसिस के शेयर होंगे, वे इस बायबैक में हिस्सा ले सकेंगे। यह बायबैक टेंडर ऑफर के तहत होगा, जिसमें कंपनी निवेशकों से एक निश्चित कीमत पर शेयर वापस खरीदेगी। गौरतलब है कि इंफोसिस के प्रोमोटर्स और प्रोमोटर ग्रुप के सदस्य इस बायबैक में हिस्सा नहीं लेंगे।
बायबैक पर खर्च और शेयर की कीमत
कंपनी इस बायबैक के लिए ₹1800 प्रति शेयर की कीमत तय कर रही है, जबकि गुरुवार को इंफोसिस का शेयर ₹1466.50 पर बंद हुआ था। इस तरह, बायबैक में प्रति शेयर की कीमत गुरुवार के बंद भाव से 23% अधिक है। इंफोसिस इस बायबैक के लिए कुल ₹18000 करोड़ खर्च करेगी। कंपनी ने 2022 में भी ₹9300 करोड़ के बायबैक का ऐलान किया था।
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बायबैक का क्या मतलब है?
बायबैक का मतलब होता है कि कंपनी अपने ही शेयरों को वापस निवेशकों से खरीदती है। इससे शेयरों की संख्या घट जाती है, जिससे EPS (Earnings Per Share) बढ़ता है और शेयर की वैल्यू बढ़ सकती है। बायबैक का संकेत यह होता है कि कंपनी अपने शेयरों को अंडरवैल्यूड मानती है और अपने भविष्य पर विश्वास करती है। यह निवेशकों का विश्वास भी बढ़ाता है।
कैसे करें बायबैक में आवेदन?
बायबैक में हिस्सा लेने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करें:
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रिकॉर्ड डेट तक इंफोसिस के शेयर आपके डीमैट अकाउंट में होने चाहिए।
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लेटर ऑफ ऑफर (LoF) को पढ़ें, जिसमें बायबैक की विंडो, साइज, और कितने रुपये में शेयर खरीदे जाएंगे जैसी जानकारी होगी।
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तय करें कि आपको कितने शेयर बेचने हैं। आप ओवरसब्सक्राइब भी कर सकते हैं।
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अपने ब्रोकर में लॉग इन करें और बायबैक ऑप्शन पर जाएं। यहां से इंफोसिस बायबैक को सिलेक्ट करके कितने शेयर बेचने हैं यह दर्ज करें।
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आप चाहें तो ऑफलाइन भी ब्रोकर या रजिस्ट्रार को टेंडर फॉर्म जमा कर सकते हैं।
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ब्रोकर/डीपी आपके डीमैट खाते से टेंडर किए गए शेयरों को ब्लॉक या डेबिट कर देगा, और आपको पैसे नहीं देने होंगे।