Indian Rupee vs Dollar: अमेरिका-भारत ट्रेड डील की उम्मीदों से मजबूत हुआ रुपया, डॉलर के मुकाबले 21 पैसे की बढ़त

Indian Rupee vs Dollar: अमेरिका-भारत ट्रेड डील की उम्मीदों से मजबूत हुआ रुपया, डॉलर के मुकाबले 21 पैसे की बढ़त

Indian Rupee vs Dollar: अमेरिका-भारत ट्रेड डील की संभावनाओं से भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 21 पैसे मजबूत हुआ, अब 85.34 पर। जानें रुपये की मजबूती के पीछे के आर्थिक कारण।

Indian Rupee vs Dollar: अमेरिका और भारत के बीच संभावित ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बाजार में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। इसी उम्मीद ने शुक्रवार को भारतीय रुपये को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 21 पैसे मजबूत कर दिया। डॉलर के मुकाबले रुपया अब 85.34 पर पहुंच गया है, जो पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले उल्लेखनीय सुधार है।

क्यों आई रुपये में मजबूती? (Indian Rupee vs Dollar)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वियतनाम के साथ ट्रेड डील की घोषणा के बाद, अब यह अटकलें तेज हो गई हैं कि वे 9 जुलाई की समय-सीमा से पहले भारत समेत अन्य देशों के साथ भी ऐसे समझौते कर सकते हैं। इस संभावित व्यापार समझौते से एशियाई मुद्राओं को मजबूती मिली है, और भारत का रुपया भी इससे अछूता नहीं रहा।

आज की शुरुआत कैसी रही?

इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में रुपया 85.44 पर खुला, लेकिन थोड़ी ही देर में यह 85.34 के स्तर तक आ गया। गुरुवार को रुपया 85.55 पर बंद हुआ था, ऐसे में आज 21 पैसे की बढ़त दर्ज की गई। डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख करेंसीज़ के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापता है, 0.20% गिरकर 96.98 पर आ गया है।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भी बनी सहायक

  • मिडिल ईस्ट में स्थिरता के संकेतों के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत में गिरावट देखी जा रही है।

  • इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 0.38% की गिरावट के साथ $68.54 प्रति बैरल पर आ गया है, जिससे भारत के आयात बिल में राहत मिल रही है।

  • यह रुपये की मजबूती को सपोर्ट देने वाला एक और बड़ा फैक्टर रहा है।

शेयर बाजार और विदेशी निवेशकों की भूमिका

  • हालांकि घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को हल्की गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 25.10 अंक फिसलकर 83,214.37 पर और निफ्टी 7.70 अंक गिरकर 25,396.50 पर बंद हुआ।

  • विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) गुरुवार को शुद्ध रूप से 1,481.19 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं।

क्या आने वाले दिनों में और मजबूत होगा रुपया?

अगर भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कोई औपचारिक घोषणा होती है, तो इससे रुपये को और मजबूती मिल सकती है। साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और विदेशी निवेशकों की सकारात्मक वापसी भी इसमें योगदान कर सकते हैं।

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