भारत ने कल्पक्कम PFBR में क्रिटिकलिटी हासिल कर परमाणु ऊर्जा में बड़ी उपलब्धि दर्ज की। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इसे ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम बताया।
भारत ने अपने नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए तमिलनाडु के कल्पक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) में क्रिटिकलिटी प्राप्त कर ली है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे देश की ऊर्जा सुरक्षा और वैज्ञानिक प्रगति की दिशा में बड़ा कदम बताया।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपनी X पोस्ट में कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में संभव हो पाई है। उन्होंने इसे भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया।
भारत ने अपने नागरिक परमाणु कार्यक्रम की यात्रा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कल्पक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) की क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह उपलब्धि देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और रणनीतिक…
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) April 7, 2026
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि PFBR की क्रिटिकलिटी हासिल करना न केवल परमाणु ऊर्जा उत्पादन को नई गति देगा, बल्कि यह देश की रणनीतिक क्षमता को भी मजबूत करेगा। उन्होंने इस परियोजना को भारत के दीर्घकालिक ऊर्जा लक्ष्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
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इसके साथ ही, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह भी उल्लेख किया कि यह उपलब्धि भारत के विशाल थोरियम भंडार के प्रभावी उपयोग की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह पहल भविष्य में स्वदेशी संसाधनों के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करेगी और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और इस परियोजना से जुड़े सभी कर्मियों को बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से भारत वैश्विक स्तर पर परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।