भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा वनडे 30 सितंबर को गुवाहाटी में खेला जाएगा। पहले मैच में जीत के बाद टीम इंडिया की नजर सीरीज जीतने पर है और प्लेइंग इलेवन में बदलाव पर नजर रहेगी।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच बुधवार, 30 सितंबर को गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में दूसरा वनडे मुकाबला खेला जाएगा। भारत ने तिरुवनंतपुरम में पहले वनडे में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया। शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने इस जीत के साथ तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की है। टीम इंडिया का लक्ष्य अब दूसरे मैच में जीत दर्ज कर सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करना होगा। मुकाबले से पहले, भारतीय प्लेइंग इलेवन को लेकर सबसे बड़ा सवाल है कि क्या टीम मैनेजमेंट पहले वनडे टीम में बदलाव करेगा?
भारत की पहली वनडे जीत
वेस्टइंडीज ने तिरुवनंतपुरम में पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार शुरुआत की। टीम के सलामी बल्लेबाजों ने शतकीय साझेदारी कर भारत को बड़ा स्कोर दिलाया था। एक समय था जब मेहमान टीम 300 से अधिक रन बना सकती थी और स्कोर 350 के आसपास भी हो सकता था। किंतु वनडे क्रिकेट में वापसी कर रहे कुलदीप यादव ने गेंद से मैच की दिशा बदल दी।
कुलदीप ने 10 ओवर में 40 रन देकर चार विकेट हासिल किए। उनकी गेंदबाजी के सामने वेस्टइंडीज की पारी लड़खड़ा गई, जिससे टीम सिर्फ 295/7 तक पहुंच सकी। भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए आसानी से लक्ष्य हासिल किया।
कोहली और गिल ने जीत हासिल की
भारत की जीत में विराट कोहली और शुभमन गिल अग्रणी रहे। दोनों बल्लेबाजों ने शानदार शतक लगाकर वेस्टइंडीज पर दबाव डाला। भारत ने लक्ष्य को 50 गेंद बाकी रहते और 8 विकेट शेष रहते हासिल किया।
भारतीय टीम का आत्मविश्वास इस जीत के बाद बढ़ा है। यह सीरीज भी कप्तान शुभमन गिल के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में विभिन्न संयोजनों को आजमा रही है।
क्या प्लेइंग XI दूसरे वनडे में बदल जाएगा?
भारत ने पहले मैच में बल्लेबाजी में काफी गहराई रखी थी। टीम में आठ बल्लेबाजी विकल्प थे और तीन विशेषज्ञ गेंदबाजी विकल्प थे। मैच के दौरान बल्लेबाजी की अतिरिक्त गहराई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
ऐसे में दूसरे वनडे से पहले टीम मैनेजमेंट को यह निर्णय लेना होगा कि क्या इसी टीम को मैदान पर उतारा जाए या गेंदबाजी को मजबूत करने के लिए एक अतिरिक्त अनुभवी तेज गेंदबाज को लाया जाए।
नमन धीर को लेकर भी निर्णय महत्वपूर्ण है
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहले वनडे में ऑलराउंडर नमन धीर ने डेब्यू किया। उन्होंने पांच ओवर गेंदबाजी की और ३३ रन बनाए, लेकिन कोई विकेट नहीं हासिल किया। बल्लेबाजी में उनके पास कोई मौका ही नहीं था।
नमन धीर को टीम से केवल एक मैच के बाद बाहर करना उनके लिए कठोर निर्णय हो सकता है। टीम मैनेजमेंट को दूसरे वनडे में भी मौका मिल सकता है अगर वे उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना चाहते हैं। खासकर अब जब भारत विश्व कप के लिए ऑलराउंड विकल्प बना रहा है।
नितीश रेड्डी का कार्य
पहले वनडे में, ऑलराउंडर नितीश रेड्डी ने पांच ओवर गेंदबाजी की और 45 रन बनाए। नई गेंद से गेंदबाजी करते हुए उनका पहला ओवर काफी महंगा था। वे ओवरस्टप भी करते थे और बहुत सी गेंदें जरूरत से ज्यादा फुल डालते थे, जिसका फायदा वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने उठाया।
हालाँकि, हार्दिक पांड्या की चोट के कारण टीम से बाहर रहने के कारण नितीश को बैकअप ऑलराउंडर के तौर पर तैयार करने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट उन्हें अनुभव देना चाह सकता है और उन्हें लगातार मौके देना चाह सकता है।
तेज गेंदबाजी विभाग में बदलाव हो सकता है
दूसरे वनडे से पहले, भारतीय टीम का तेज गेंदबाजी विभाग सबसे अधिक चर्चा में है। एशियन गेम्स ड्यूटी के कारण जसप्रीत बुमराह टीम में नहीं हैं, जबकि हार्दिक पांड्या चोट के कारण टीम से बाहर हैं। भारत में मोहम्मद सिराज जैसा अनुभवी तेज गेंदबाज है।
भारत ने पहले वनडे में बल्लेबाजी को अधिक गहराई देने के लिए केवल तीन प्रसिद्ध गेंदबाजों के साथ उतरने का निर्णय लिया था। यदि टीम मैनेजमेंट दूसरे मैच में गेंदबाजी को बेहतर बनाने का निर्णय लेता है, तो सिराज को प्लेइंग XI में शामिल किया जा सकता है। ऐसे हालात में बल्लेबाजी विकल्प या ऑलराउंडर को बाहर जाना पड़ सकता है।
भारत सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगा
भारत को गुवाहाटी में होने वाले दूसरे वनडे में सीरीज पर कब्जा करने का अवसर मिलेगा। पहले मैच में टीम को बल्लेबाजी और कुलदीप यादव की गेंदबाजी से बड़ी जीत मिली। अब देखना होगा कि टीम मैनेजमेंट और कप्तान शुभमन गिल उसी प्लेइंग XI पर भरोसा करते हैं या तेज गेंदबाजी विभाग को सुधारने के लिए कुछ बदलाव करते हैं।
यह सीरीज भी भारत के 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी के लिहाज से खिलाड़ियों के संयोजन और बैकअप विकल्पों की जांच का महत्वपूर्ण अवसर है। इसलिए प्लेइंग XI का निर्णय मुकाबले से पहले सबसे अधिक चर्चा में रहने वाला मुद्दा रहेगा।