IND vs AFG: अफगानिस्तान के खिलाफ जून में होने वाले टेस्ट मैच से सीनियर खिलाड़ियों को मिल सकता है आराम। देवदत्त पडिक्कल और मानव सुथार जैसे युवाओं की खुल सकती है किस्मत।
आईपीएल 2026 के समापन के तुरंत बाद भारतीय क्रिकेट टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट मैच और फिर वनडे सीरीज खेलनी है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, जून में होने वाले इस एकमात्र टेस्ट मैच में बीसीसीआई (BCCI) चयन समिति घरेलू क्रिकेट के टॉप परफॉर्मर्स को मौका देने पर विचार कर रही है।
चूंकि यह टेस्ट मैच ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का हिस्सा नहीं है, इसलिए चयनकर्ता सीनियर सितारों को आराम देकर वर्कलोड मैनेजमेंट पर ध्यान दे सकते हैं।
इन युवा खिलाड़ियों की खुल सकती है किस्मत
आईपीएल के ठीक बाद लाल गेंद (Red-ball) क्रिकेट में स्विच करना सीनियर खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में चयनकर्ताओं की नजर इन उभरते हुए सितारों पर है:
- देवदत्त पडि दुबे: स्पिन विभाग में इन दोनों ने घरेलू सत्र में शानदार प्रदर्शन किया है।
- क्कल: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी तकनीक का लोहा मनवा चुके हैं।
- गुरनूर बराड़ और आकिब नबी: अपनी तेज गेंदबाजी से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है।
- मानव सुथार और हर्ष
सूत्रों के अनुसार, “यह चयन पैनल जल्दबाजी में फैसले नहीं लेता। गुरनूर, मानव, हर्ष, आकिब और देवदत्त ने बहुत प्रभावित किया है। अंतिम फैसला मेडिकल टीम और थिंक टैंक के बीच चर्चा के बाद होगा।”
वर्कलोड मैनेजमेंट और कप्तान शुभमन गिल की चिंता
भारतीय कप्तान शुभमन गिल पहले भी कई बार व्यस्त शेड्यूल और फॉर्मेट बदलने (सफेद गेंद से लाल गेंद) के बीच कम समय मिलने पर चिंता जाहिर कर चुके हैं।
शेड्यूल की चुनौती:
- मई अंत: आईपीएल 2026 का फाइनल।
- जून की शुरुआत: अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट (नॉन-WTC)।
- उसके तुरंत बाद: अफगानिस्तान के साथ 3 मैचों की वनडे सीरीज।
- जून अंत: आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज।
सूत्र ने बताया, “टेस्ट और वनडे सीरीज के बीच बहुत कम समय है। गिल, बुमराह, केएल राहुल और जडेजा जैसे खिलाड़ी एक महीने के भीतर टी20 से टेस्ट और फिर वनडे में स्विच करेंगे। कप्तान और कोच इस शेड्यूलिंग को लेकर मुखर रहे हैं, इसलिए सीनियर खिलाड़ियों को इस ‘धूप’ से बचाना ही समझदारी होगी।”
क्या है चयन समिति का प्लान?
चयन समिति का मानना है कि ऐसे मैचों में संसाधनों का सही उपयोग (Optimum Utilization) जरूरी है। जो खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट खेल रहे हैं, उन्हें ब्रेक देकर घरेलू स्तर के उन खिलाड़ियों को आजमाना एक बेहतर विकल्प है, जो भविष्य के लिए तैयार हो रहे हैं।
अफगानिस्तान के खिलाफ यह मैच भारतीय बेंच स्ट्रेंथ को परखने का सुनहरा मौका साबित हो सकता है। अब देखना यह है कि क्या बीसीसीआई नए ‘यंग इंडिया’ को टेस्ट कैप सौंपने का फैसला करता है या नहीं।