ideaForge Technology के शेयरों में सोमवार को 17% का उछाल आया। कंपनी ने Q4 में 60 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है, जबकि पिछले साल उसे 26 करोड़ का घाटा हुआ था। स्टॉक ने ₹720 का नया हाई बनाया।
तिमाही नतीजों ने भरा जोश: घाटे से मुनाफे में लौटी कंपनी
भारतीय ड्रोन मार्केट की दिग्गज कंपनी ideaForge Technology के लिए आज का दिन (सोमवार, 4 मई 2026) शेयर बाजार में ऐतिहासिक साबित हुआ। कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के शानदार नतीजे पेश करने के बाद निवेशकों में भारी उत्साह देखा गया। इस सकारात्मक सेंटीमेंट के चलते ideaForge के शेयरों में 17 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी आई। लिवाली के इस दौर में स्टॉक ने 720 रुपये प्रति शेयर के स्तर को छू लिया, जो इसका नया 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर (52-week high) भी है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी के ‘टर्नअराउंड’ (Turnaround) प्रदर्शन ने निवेशकों के भरोसे को एक नई ऊंचाई दी है।
मुनाफे का शानदार आंकड़ा: 60 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट
ideaForge ने अपने नवीनतम तिमाही नतीजों में जबरदस्त सुधार दिखाते हुए बाजार को चौंका दिया है। ड्रोन निर्माता कंपनी ने इस तिमाही में 60 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (Net Profit) दर्ज किया है। यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले साल की इसी समान अवधि में कंपनी को 26 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा (Net Loss) उठाना पड़ा था। घाटे से उबरकर मुनाफे की ओर बढ़ने का यह सफर दर्शाता है कि कंपनी की परिचालन क्षमता (Operational Efficiency) और बाजार में पैठ काफी मजबूत हुई है। इसके साथ ही कंपनी के राजस्व (Revenue) में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि रक्षा और नागरिक दोनों क्षेत्रों में ड्रोन की मांग तेजी से बढ़ रही है।
ड्रोन सेक्टर में बढ़ता दबदबा और भविष्य की राह
ideaForge भारत में ड्रोन तकनीक के अग्रणी खिलाड़ियों में से एक है, विशेष रूप से सुरक्षा और निगरानी (Surveillance) के क्षेत्र में। कंपनी के शानदार परिणामों के पीछे सरकारी ऑर्डर्स और रक्षा मंत्रालय की बढ़ती निर्भरता को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत स्वदेशी ड्रोन को मिलने वाली प्राथमिकता ने ideaForge जैसे स्टार्टअप्स के लिए संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। आज की रैली ने न केवल कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) में इजाफा किया है, बल्कि पूरे डिफेंस और ड्रोन सेक्टर के प्रति निवेशकों के नजरिए को सकारात्मक बनाया है। यदि कंपनी इसी गति से अपने मार्जिन और प्रॉफिट को बनाए रखती है, तो आने वाले समय में यह स्टॉक लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक मल्टीबैगर (Multibagger) साबित हो सकता है।
अनुसंधान एवं विकास (R&D) पर विशेष जोर
ideaForge की सफलता का एक बड़ा श्रेय इसके अनुसंधान और विकास (R&D) के प्रति समर्पण को जाता है। कंपनी लगातार अपनी ड्रोन तकनीक को अपडेट कर रही है, जिससे उनके ड्रोन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम में भी सटीक परिणाम देने में सक्षम हैं। वर्तमान में, भारतीय सेना और अर्धसैनिक बल सीमा पर निगरानी के लिए इनके ‘स्विच’ (SWITCH) और ‘नेट्रा’ (NETRA) जैसे मॉडल्स पर भरोसा कर रहे हैं। इसके अलावा, कंपनी अब केवल रक्षा तक सीमित न रहकर कृषि, खनन (Mining) और बुनियादी ढांचा मानचित्रण (Mapping) जैसे नागरिक क्षेत्रों में भी अपने पैर पसार रही है। ड्रोन-एज-ए-सर्विस (Drone-as-a-Service) मॉडल के जरिए कंपनी भविष्य में आवर्ती राजस्व (Recurring Revenue) के नए स्रोत बनाने की दिशा में काम कर रही है।
भारतीय ड्रोन का अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ता कद
भविष्य की राह की बात करें तो ideaForge के लिए केवल भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार भी एक बड़ा अवसर बनकर उभर रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ से निर्मित उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ने के साथ ही, कंपनी अब दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीकी देशों में अपने निर्यात (Export) को बढ़ाने पर विचार कर रही है। वैश्विक स्तर पर ड्रोन तकनीक की मांग जिस तेजी से बढ़ रही है, उसे देखते हुए भारत दुनिया का ‘ड्रोन हब’ बनने की क्षमता रखता है। ideaForge जैसी कंपनियां इस मिशन की अग्रदूत हैं। यदि कंपनी अंतरराष्ट्रीय मानकों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के साथ तालमेल बिठाने में सफल रहती है, तो यह न केवल कंपनी के मुनाफे को बढ़ाएगा, बल्कि भारतीय रक्षा तकनीक के लिए एक नया वैश्विक बेंचमार्क भी स्थापित करेगा।