भारत आईसीसी वनडे रैंकिंग में शीर्ष पर बरकरार। अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में विराट कोहली और हार्दिक पांड्या की अनुपस्थिति से टीम इंडिया को लगा झटका।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की हालिया वार्षिक रैंकिंग अपडेट के बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने वनडे फॉर्मेट में अपनी बादशाहत कायम रखी है। यद्यपि भारत अभी भी दुनिया की नंबर एक वनडे टीम बनी हुई है, लेकिन रैंकिंग पॉइंट्स के मामले में न्यूजीलैंड ने अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली है। वार्षिक अपडेट के बाद भारत के रेटिंग पॉइंट्स 119 से घटकर 118 हो गए हैं, जबकि न्यूजीलैंड ने दो अंकों की बढ़त के साथ 113 रेटिंग पॉइंट्स हासिल कर लिए हैं। दोनों टीमों के बीच अब अंतर आठ अंकों से घटकर महज पांच अंकों का रह गया है। वहीं, विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया 109 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बरकरार है।
रैंकिंग में बदलाव और अन्य टीमों का प्रदर्शन
शीर्ष 10 टीमों की सूची में केवल एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहाँ दक्षिण अफ्रीका (102 अंक) ने पाकिस्तान (98 अंक) को पीछे छोड़ते हुए चौथा स्थान हासिल कर लिया है। रैंकिंग में नीचे की ओर देखें तो बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच का अंतर काफी बढ़ गया है, जो अब 10 अंकों का हो गया है। शीर्ष 10 के बाहर भी कई टीमों ने अपनी स्थिति में सुधार किया है, जिसमें आयरलैंड ने जिम्बाब्वे को पछाड़कर 11वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि यूएसए ने स्कॉटलैंड से आगे निकलकर 13वीं रैंक हासिल की है। यूएई भी कनाडा को पीछे छोड़ते हुए 19वें स्थान पर पहुंच गया है। इसके अलावा, भारत टेस्ट और टी20 रैंकिंग में भी शानदार प्रदर्शन कर रहा है, हालांकि टेस्ट और महिला क्रिकेट के दोनों फॉर्मेट (वनडे और टी20) में ऑस्ट्रेलिया की रैंकिंग नंबर एक पर कायम है।
अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम इंडिया को बड़ा झटका
आईसीसी वनडे रैंकिंग रैंकिंग की खुशी के बीच भारतीय टीम के लिए एक चुनौतीपूर्ण खबर सामने आई है। भारत को शनिवार से अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज खेलनी है, लेकिन इस महत्वपूर्ण सीरीज से पहले टीम को अपने दो स्टार खिलाड़ियों की चोट से जूझना पड़ रहा है। बल्लेबाजी के सुपरस्टार विराट कोहली को हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण सीरीज से बाहर कर दिया गया है। कोहली की जगह युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को टीम में शामिल किया गया है, जिन्होंने पिछले साल कोहली की फिटनेस चिंताओं के दौरान ही वनडे में अपना डेब्यू किया था।
इसके अलावा, टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या भी चोट के चलते सीरीज से बाहर हो सकते हैं। खबरों के अनुसार, पांड्या क्वाड्रिसेप स्ट्रेन (मांसपेशियों में खिंचाव) की समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके कारण मेडिकल टीम ने उन्हें आराम की सलाह दी है। पांड्या के न होने से टीम का संतुलन बिगड़ना तय है, क्योंकि वे एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो टीम को गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में गहराई प्रदान करते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी अनुपस्थिति में शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम किस तरह का संयोजन (कॉम्बिनेशन) अपनाती है।
युवा जोश और अनुभवी खिलाड़ियों का संगम
अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए चुनी गई टीम में शुभमन गिल के नेतृत्व में कई प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी और अनुभवी दिग्गजों का मिश्रण है। टीम में रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल और ईशान किशन जैसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो पारी को स्थिरता प्रदान करेंगे। गेंदबाजी आक्रमण की कमान कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे गेंदबाजों के हाथों में होगी। इसके अलावा, प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़ और हर्ष दुबे जैसे युवा खिलाड़ियों को इस सीरीज में अपनी उपयोगिता साबित करने का बेहतरीन मौका मिला है।
सीरीज का महत्व और भविष्य की राह
वनडे रैंकिंग में शीर्ष स्थान बनाए रखने के लिए भारत को अफगानिस्तान के खिलाफ यह सीरीज जीतना बहुत जरूरी है। न्यूजीलैंड जिस तेजी से रेटिंग पॉइंट्स के मामले में भारत के करीब आ रहा है, उसे देखते हुए कोई भी चूक भारत को रैंकिंग में नीचे धकेल सकती है। अफगानिस्तान की टीम हाल के वर्षों में एक बहुत ही प्रतिस्पर्धी टीम बनकर उभरी है और भारत को किसी भी हाल में उन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। हालांकि हार्दिक पांड्या और विराट कोहली की कमी टीम को जरूर खलेगी, लेकिन यह सीरीज बेंच स्ट्रेंथ को परखने और भविष्य की बड़ी टूर्नामेंटों के लिए नई प्रतिभाओं को तैयार करने का एक सुनहरा अवसर भी है।
शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया का लक्ष्य केवल सीरीज जीतना नहीं, बल्कि अपनी विश्व नंबर एक की साख को बचाए रखना है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब शनिवार के मुकाबले पर हैं, जहाँ यह देखना दिलचस्प होगा कि चोटों से जूझ रही टीम इंडिया मैदान पर कैसी वापसी करती है। यह सीरीज टीम के भीतर के धैर्य और गहराई (डेप्थ) की अग्निपरीक्षा साबित होने वाली है।