असली शहद पहचानने के 5 अचूक तरीके: पानी और आग से करें शुद्धता की जांच; नकली शहद के नुकसान से बचें

क्या आप जो शहद खा रहे हैं वह शुद्ध है? पानी, आग और पेपर टेस्ट के जरिए घर पर ही करें असली और नकली शहद की पहचान। सेहत के साथ न करें समझौता।

आयुर्वेद में शहद का अर्थ ‘अमृत’ है। इसकी प्राकृतिक मिठास और औषधीय गुणों से यह हर रसोई में अनिवार्य है। लेकिन बढ़ती मांग के कारण बाजार में मिलावटी शहद की बहुतायत है। नुकसान को कम करने के लिए इसमें चीनी की चाशनी, कॉर्न सिरप या राइस सिरप मिलाया जाता है। ऐसा शहद न केवल पोषण में कमी है, बल्कि मधुमेह (मधुमेह) के लिए भी खतरनाक हो सकता है।

असली शहद को कैसे जानें? शुद्धता की जांच करने के लिए इन आसान घरेलू तरीकों का उपयोग करें; आपकी सेहत को खतरा नहीं है।

मिलावटी शहद देखने में बिल्कुल असली लगती है, लेकिन भौतिक और वैज्ञानिक परीक्षणों से पता चलता है कि यह नहीं है। जबकि मिलावटी शहद चिपचिपा और गंधहीन हो सकता है, शुद्ध शहद गाढ़ा और विशिष्ट स्वाद रखता है।

1. पानी का परीक्षण

यह शुद्धता की जांच का सबसे आसान और व्यावहारिक उपाय है। शहद की शुद्धता का मान पानी से अधिक शहद की घनत्व है।

  • क्या करें: एक गिलास में सादा पानी डालें और एक चम्मच शहद डालें।
  • पता लगाना: यदि शहद शुद्ध है, तो वह पानी के साथ घुलेगा नहीं, बल्कि सीधे गिलास की तली में जाकर बैठ जाएगा, जैसे एक तार। वहीं, चीनी या सिरप की शहद पानी में गिरते ही घुलने लगेगी और पानी को धुंधला कर देगी।

2. आग का परीक्षण

मिलावटी शहद में नमी और शुगर सिरप होने के कारण आसानी से नहीं जलता, लेकिन शुद्ध शहद ज्वलनशील है।

  • क्या करें: एक माचिस की तीली लेकर उसके बारूद पर थोड़ा सा शहद डालें। अब माचिस की डिब्बी पर इसे रगड़ने की कोशिश करें।
  • पता लगाना: शहद शुद्ध है अगर तीली तुरंत जल जाती है। यदि तीली नहीं जलती या जलते समय चटकने की आवाज आती है, तो शायद शहद में चाशनी या नमी मिली है।

3. सोखने का परीक्षण

शुद्ध शहद में पानी बहुत कम होता है। इस परीक्षण से उसमें अतिरिक्त पानी या सिरप हो सकता है।

  • क्या करें: शहद की कुछ बूंदें सफेद कपड़े या ब्लॉटिंग पेपर पर डालें।
  • पता लगाना: शुद्ध शहद को कपड़े या कागज से नहीं सोखा जा सकता, और वह सतह पर वैसा ही रहेगा। मिलावटी शहद कागज को नष्ट कर देगी और कपड़े पर दाग छोड़ देगी।

4. अंगूठे का परीक्षण

शहद की गाढ़ाहट और चिपचिपाहट भी उसकी गुणवत्ता को बता सकती हैं।

  • क्या करें: शहद की एक छोटी बूंद अपने अंगूठे पर लगाकर देखें कि क्या वह फैलता है या नहीं।
  • पता लगाना: सघन बनावट वाली शुद्ध शहद अपनी जगह पर टिका रहेगी और बहेगी नहीं। मिलावटी शहद छोटी होने के कारण अंगूठे से तुरंत गिर जाएगा या फैल जाएगा।

5. खुशबू और स्वाद

हल्की फूलों वाली खुशबू असली शहद को खास बनाती है।

  • पता लगाना: शुद्ध शहद को चखने के कुछ समय बाद गले में गर्माहट या हल्का दर्द होता है। मिलावटी शहद में कोई प्राकृतिक गंध नहीं होगी और यह सिर्फ मीठा होगा। इसके अलावा, शुद्ध शहद को गर्म करने पर वह गाढ़ा होता है जैसे कैरामेल (Caramel) और उसमें झाग नहीं होते।
  • कृपया: हमेशा प्रमाणित या विश्वसनीय जैविक ब्रांडों से ही शहद खरीदें, जिसमें “एगमार्क” हो। लंबे समय में मिलावटी शहद का सेवन आपके मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकता है।

क्रिस्टलाइजेशन: जमने का मतलब मिलावट नहीं

एक आम धारणा यह है कि यदि शहद जम गया है, तो वह नकली है या उसमें चीनी मिलाई गई है, लेकिन विज्ञान इसके विपरीत कहता है। शुद्ध और कच्चा शहद (Raw Honey) समय के साथ या ठंडे तापमान में दानेदार होकर जम सकता है, जिसे ‘क्रिस्टलाइजेशन’ कहा जाता है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो शहद में मौजूद ग्लूकोज और फ्रुक्टोज के अनुपात पर निर्भर करती है। यदि आपका शहद जम गया है, तो उसे सीधे आंच पर गर्म करने के बजाय गुनगुने पानी के कटोरे में शहद की बोतल रखकर धीरे-धीरे पिघलाएं। इसके विपरीत, जो शहद लंबे समय तक बिल्कुल तरल बना रहता है और कभी नहीं जमता, उसमें मिलावट की संभावना अधिक हो सकती है क्योंकि उसे अत्यधिक प्रोसेस्ड किया गया होता है। असली शहद की पहचान उसकी इसी बदलती बनावट और शुद्धता में छिपी है।

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