Heart Blockage Symptoms: हार्ट ब्लॉकेज के शुरुआती लक्षण पहचानें और समय रहते इलाज करवाएं। सीने में दर्द, सांस फूलना, थकान, हाथ-कंधे में दर्द जैसी चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें।
Heart Blockage Symptoms: हमारी बदलती जीवनशैली के कारण दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। दिल की नसें अचानक ब्लॉक नहीं होतीं, बल्कि धीरे-धीरे इसमें प्लाक जमा होने लगता है, जिसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहते हैं। अगर शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
हार्ट ब्लॉकेज क्यों होती है?
दिल की नसों में ब्लॉकेज का मुख्य कारण प्लाक है। यह कोलेस्ट्रॉल, फैट और कैल्शियम का मिश्रण होता है, जो नसों की दीवार पर जमा हो जाता है। इससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और दिल तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। हाई ब्लड प्रेशर, खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL), डायबिटीज, धूम्रपान और मोटापा नसों में प्लाक बनने की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं।
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शुरुआती लक्षण क्या हैं?
दिल की नसों में ब्लॉकेज के प्रारंभिक संकेत अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। कुछ आम लक्षण हैं:
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सीने में दर्द या जकड़न
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हल्के काम में सांस फूलना
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बिना वजह थकान
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कंधे, हाथ या जबड़े तक फैलता दर्द
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धड़कन का अनियमित होना
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चक्कर आना या संतुलन बिगड़ना
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पैरों में चलने पर दर्द या गर्दन में कमजोरी
कुछ मामलों में, ब्लॉकेज दिमाग, हाथ-पैर और अन्य अंगों में भी असर डाल सकती है।
कैसे करें रोकथाम और इलाज?
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संतुलित आहार और नियमित व्यायाम अपनाएं
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ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं
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समय-समय पर ईसीजी, स्ट्रेस टेस्ट, इकोकार्डियोग्राम, एंजियोग्राफी या सीटी स्कैन करवाएं
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धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
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हाई बीपी और डायबिटीज के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए