हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि ‘महिला एवं किशोरी सम्मान योजना’ के तहत बीपीएल परिवारों की महिलाओं को मुफ्त सेनेटरी नैपकिन और स्वच्छता जागरूकता दी जा रही है।
महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान को लेकर हरियाणा सरकार गंभीर: ‘मेनस्ट्रुअल हाइजीन मिशन’ के तहत मुफ्त मिलेंगे सेनेटरी नैपकिन, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दी जानकारी
चंडीगढ़:
हरियाणा सरकार प्रदेश में महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मसम्मान को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह से सजग और गंभीर है। राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी ‘महिला एवं किशोरी सम्मान योजना’ के अंतर्गत “मेनस्ट्रुअल हाइजीन मिशन” (मासिक धर्म स्वच्छता मिशन) को पूरे प्रदेश में बेहद प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल की जानकारी देते हुए हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि इस मिशन का मूल उद्देश्य राज्य की हर महिला को “स्वच्छता, सम्मान और सशक्तिकरण” प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी झिझक के एक स्वस्थ जीवन जी सकें।
10 से 45 वर्ष की बीपीएल महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ
राज्य सरकार प्रदेश में महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर पूरी तरह से सजग और गंभीर है।
स्वास्थ्य मंत्री @ArtiSinghRao ने बताया कि “स्वच्छता, सम्मान और सशक्तिकरण” के उद्देश्य से महिला एवं किशोरी सम्मान योजना के तहत “मेनस्ट्रुअल हाइजीन मिशन” को प्रभावी ढंग से…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 16, 2026
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने योजना के दायरे और लाभार्थियों का ब्यौरा देते हुए स्पष्ट किया कि इस विशेष अभियान के तहत 10 से 45 वर्ष की आयु वर्ग की गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाली महिलाओं और किशोरियों को लक्षित किया गया है।
योजना के तहत इन सभी चिन्हित लाभार्थियों को मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) के प्रति न केवल जागरूक किया जा रहा है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से हर महीने निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन (Free Sanitary Napkins) भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सरकार की इस पहल से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को बाजार से महंगे नैपकिन खरीदने के आर्थिक बोझ से मुक्ति मिली है।
महिलाओं को सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम
आरती सिंह राव ने मासिक धर्म से जुड़ी रूढ़िवादिता और स्वास्थ्य समस्याओं पर बात करते हुए कहा, “यह पहल केवल मुफ्त सेनेटरी नैपकिन बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सरकार का एक बहुत बड़ा और प्रगतिशील कदम है।”
उन्होंने आगे कहा कि आज भी समाज के एक बड़े हिस्से में मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता की कमी है, जिसके कारण महिलाएं कई तरह की गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाती हैं। इस मिशन के जरिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर महिलाओं को स्वास्थ्य शिक्षा दे रही हैं।
आंगनवाड़ी और स्कूलों के माध्यम से सुलभ होगी आपूर्ति
इस योजना को जमीनी स्तर पर पूरी तरह पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कड़े प्रबंध किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं और गांवों की बीपीएल महिलाओं तक इन सेनेटरी नैपकिन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को नोडल पॉइंट बनाया गया है।
आरती सिंह राव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि राज्य के अंतिम कोने में बैठी हकदार महिला तक भी इस योजना का लाभ बिना किसी देरी के पहुंचना चाहिए, क्योंकि महिलाओं का स्वास्थ्य ही एक समृद्ध और मजबूत हरियाणा की पहचान है।