हरियाणा सरकार युवाओं को विज्ञान, नवाचार और उद्यमिता से जोड़कर ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा कर रही है। जानिए सीएम नायब सिंह सैनी की युवा-केंद्रित नीतियां।
हरियाणा सरकार ने राज्य के युवाओं को विज्ञान, नवाचार (Innovation) और उद्यमिता (Entrepreneurship) के साथ जोड़कर ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को नई गति प्रदान की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं के लिए ऐसे अवसर पैदा कर रही है, जिससे वे न केवल रोजगार प्राप्त करने वाले बनें, बल्कि रोजगार प्रदान करने वाले ‘जॉब क्रिएटर’ बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
विज्ञान और तकनीक से युवा शक्ति का सशक्तीकरण
युवा शक्ति को नवाचार, विज्ञान और उद्यमिता से जोड़ते हुए विकसित भारत के संकल्प को मिल रही नई उड़ान। #12YearsOfYuvaShakti #12YearsOfSeva #ViksitBharat #YouthEmpowerment pic.twitter.com/c3mSMygjcx
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 13, 2026
राज्य सरकार का मानना है कि आज का युग विज्ञान और प्रौद्योगिकी का है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार ने प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में आधुनिक लैब्स, इनक्यूबेशन सेंटर्स और रिसर्च सुविधाओं को बढ़ावा दिया है। हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई ‘स्टार्टअप नीति’ के तहत युवाओं को न केवल आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि उन्हें अपने आइडिया को बाजार में उतारने के लिए मेंटरशिप और तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
उद्यमिता को बढ़ावा: ‘स्किल इंडिया’ का हरियाणा मॉडल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कहना है कि हरियाणा के युवाओं में अद्भुत क्षमता है और उन्हें केवल एक सही मंच की आवश्यकता है। सरकारी प्रयासों के कारण आज हरियाणा के युवा ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर का बनाया है, जिससे युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के बेहतरीन अवसर पैदा हो रहे हैं।
“विकसित भारत” के संकल्प में हरियाणा की भूमिका
‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए हरियाणा सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस और ई-सर्विसेज को प्राथमिकता दी है। सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को तकनीक के साथ जोड़कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
- नवाचार (Innovation): शैक्षणिक स्तर पर शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए विशेष ग्रांट और स्कॉलरशिप की सुविधा।
- उद्यमिता (Entrepreneurship): युवा उद्यमियों को ‘मुद्रा योजना’ और अन्य राज्य-स्तरीय ऋण योजनाओं से जोड़ना।
- विज्ञान (Science): स्कूलों और कॉलेजों में अटल टिंकरिंग लैब्स का विस्तार।
हरियाणा सरकार की इन नीतियों का परिणाम यह है कि आज प्रदेश के युवा वैश्विक मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि विकास की मुख्यधारा में युवा शक्ति की भागीदारी ही एक समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखेगी।