स्वैच्छिक रक्तदान में लगातार तीसरे साल देश में नंबर-1 बना हरियाणा, लक्ष्य से ज्यादा जुटाया 5.89 लाख यूनिट रक्त

स्वैच्छिक रक्तदान में लगातार तीसरे साल देश में नंबर-1 बना हरियाणा, लक्ष्य से ज्यादा जुटाया 5.89 लाख यूनिट रक्त

 

हरियाणा ने लगातार तीसरे वर्ष स्वैच्छिक रक्तदान में देश में पहला स्थान हासिल किया। राज्य में 3.30 लाख यूनिट के लक्ष्य के मुकाबले 5.89 लाख यूनिट रक्त एकत्र किया गया और 8,189 रक्तदान शिविरों में 92 प्रतिशत स्वैच्छिक रक्तदान दर्ज किया गया।

हरियाणा ने स्वैच्छिक रक्तदान के क्षेत्र में लगातार तीसरे वर्ष देश में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य में निर्धारित लक्ष्य 3.30 लाख यूनिट के मुकाबले कुल 5.89 लाख यूनिट रक्त एकत्र किया गया। यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने साझा की।

राज्य में रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाए गए। इसके तहत प्रदेशभर में 8,189 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप कुल रक्त संग्रह में स्वैच्छिक रक्तदान की हिस्सेदारी 92 प्रतिशत रही।

लक्ष्य से अधिक हुआ रक्त संग्रह

हरियाणा में रक्त संग्रह के लिए 3.30 लाख यूनिट का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि राज्य ने 5.89 लाख यूनिट रक्त एकत्र किया। इस तरह रक्त संग्रह निर्धारित लक्ष्य से काफी अधिक रहा।

स्वैच्छिक रक्तदान की उच्च दर से जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयासों को मजबूती मिली है। अस्पतालों में दुर्घटना पीड़ितों, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और अन्य जरूरतमंद लोगों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना स्वास्थ्य सेवाओं का अहम हिस्सा है।

प्रदेशभर में लगाए गए 8,189 रक्तदान शिविर

रक्तदान के इस अभियान को सफल बनाने के लिए हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में 8,189 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया गया।

अभियान में युवाओं, सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण रही। स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करने के लिए जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया गया।

92 प्रतिशत रहा स्वैच्छिक रक्तदान

हरियाणा में एकत्र किए गए रक्त में 92 प्रतिशत हिस्सा स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से प्राप्त हुआ। यह आंकड़ा रक्तदान के प्रति लोगों की भागीदारी और जागरूकता को दर्शाता है।

स्वैच्छिक रक्तदान स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे रक्त की नियमित उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलती है। रक्तदान शिविरों के जरिए लोगों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जाता है कि वे जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए आगे आएं।

रक्तदाताओं और संस्थाओं के योगदान को सराहा

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस उपलब्धि में रक्तदाताओं, ब्लड सेंटर की टीमों, युवाओं, गैर-सरकारी संगठनों, रेडक्रॉस और अन्य संस्थाओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

इस उपलब्धि के पीछे विभिन्न संगठनों और स्वास्थ्यकर्मियों के सामूहिक प्रयास रहे। रक्तदान शिविरों के आयोजन से लेकर रक्त संग्रह और संबंधित व्यवस्थाओं तक, सभी की भूमिका ने अभियान को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।

लगातार तीसरे वर्ष देश में पहला स्थान

हरियाणा का लगातार तीसरे साल स्वैच्छिक रक्तदान में देश में शीर्ष स्थान हासिल करना राज्य में आयोजित रक्तदान अभियानों के व्यापक स्तर को रेखांकित करता है। 5.89 लाख यूनिट रक्त संग्रह, 8,189 शिविर और 92 प्रतिशत स्वैच्छिक रक्तदान इस उपलब्धि के प्रमुख आंकड़े हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में रक्त की उपलब्धता बनाए रखने के लिए नियमित रक्तदान और लोगों की भागीदारी जरूरी है। हरियाणा में हुए इन प्रयासों ने स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व को सामने रखा है।

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