Table of Contents
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) 2025-26 के तहत हरियाणा देश का अग्रणी राज्य बना। 12,865 संस्थान तंबाकू-मुक्त घोषित, शपथ में हरियाणा को मिला देश में दूसरा स्थान।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के तहत हरियाणा ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली दो तिमाहियों में बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य भर में प्रभावी नियमों, जन-जागरूकता अभियानों और प्रशासनिक समन्वय के बल पर हरियाणा तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो गया है।
मुख्य उपलब्धियां और आंकड़े
- 12,865 शिक्षण संस्थान तंबाकू-मुक्त: ‘तंबाकू-मुक्त शैक्षणिक संस्थान’ (ToFEI) दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश के 12,865 स्कूलों और कॉलेजों को तंबाकू-मुक्त घोषित किया गया है।
- देश में दूसरा स्थान: राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत तंबाकू मुक्ति की शपथ (प्रतिज्ञा) लेने वालों की संख्या में हरियाणा ने पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
- 1,128 गांव बने तंबाकू-मुक्त: युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को नशे से बचाने के लिए 1,128 गांवों को पूरी तरह से तंबाकू-मुक्त घोषित किया जा चुका है।
डॉ. सुमिता मिश्रा (अतिरिक्त मुख्य सचिव) का वक्तव्य
तंबाकू नियंत्रण में हरियाणा राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी!
हरियाणा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली दो तिमाहियों के दौरान राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं।
“12,865 शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू-मुक्त घोषित किए जाने के साथ हरियाणा तंबाकू…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 20, 2026
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा:
“12,865 शैक्षणिक संस्थानों के तंबाकू-मुक्त घोषित होने के साथ हरियाणा इस क्षेत्र में एक मिसाल बनकर उभरा है। इसके अलावा, तंबाकू नियंत्रण शपथ के मामले में देश में दूसरा स्थान हासिल करना राज्य में मजबूत अंतर-विभागीय समन्वय और जनता की सक्रिय भागीदारी का प्रत्यक्ष प्रमाण है। हमारा लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से मुक्त और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।”
जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी
राज्य के नोडल अधिकारी डॉ. ब्रह्मदीप सिंह के अनुसार, इस मुहिम की सफलता में स्कूल रैलियों, प्रतियोगिताओं और ग्राम सभा की बैठकों का बड़ा योगदान रहा है। पहली छमाही में 13,524 शैक्षणिक संस्थानों का मूल्यांकन किया गया और 10,500 से अधिक शपथ सत्र आयोजित किए गए।
सामुदायिक जुड़ाव को मजबूत करने के लिए 1,002 गांव-स्तरीय समन्वय समितियों का गठन किया गया है, जिससे तंबाकू-मुक्त हरियाणा के संकल्प को गति मिल रही है।