हरियाणा में राजस्व सेवाओं का डिजिटल कायाकल्प: ‘पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0’ की तैयारी पूरी, जानें क्या होगा फायदा

हरियाणा में राजस्व सेवाओं का डिजिटल कायाकल्प: 'पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0' की तैयारी पूरी, जानें क्या होगा फायदा

हरियाणा में राजस्व विभाग अब होगा डिजिटल। वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने ‘पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0’ और लंबित सीमांकन मामलों के समाधान के लिए विशेष अभियान की जानकारी दी।

हरियाणा सरकार ने राज्य के राजस्व और प्रशासनिक क्षेत्र में एक बड़ा डिजिटल बदलाव लाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। राजस्व विभाग अब पूरी तरह से पेपरलेस होने की राह पर है। हाल ही में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य में ‘पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0’ के कार्यान्वयन और राजस्व अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की।

क्या है ‘पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0’?

डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि ‘पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0’ एक उन्नत डिजिटल फ्रेमवर्क है। इसका मुख्य उद्देश्य पंजीकरण प्रणाली को पूरी तरह से आधुनिक बनाना है, जिसमें भौतिक दस्तावेज़ों (Physical Documentation) की आवश्यकता बिल्कुल समाप्त हो जाएगी। इस नई प्रणाली के आने से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तीव्र और नागरिक-केंद्रित हो जाएगी।

नई डिजिटल प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं:

  • जीरो फिजिकल डॉक्यूमेंटेशन: अब पंजीकरण के लिए कागजी दस्तावेजों का झंझट खत्म होगा।
  • ऑनलाइन सेवाएं: नागरिक अब घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
  • डिजिटल वेरिफिकेशन: इसमें ई-सिग्नेचर, ऑनलाइन फीस भुगतान और वास्तविक समय (Real-time) में दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
  • पारदर्शिता और गति: इस प्रणाली से पंजीकरण प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी।

राजस्व अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण और विशेष अभियान

केवल तकनीकी बदलाव ही नहीं, बल्कि विभाग अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी जोर दे रहा है। डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राजस्व अधिकारियों के लिए एक व्यापक क्षमता निर्माण कार्यक्रम (Capacity-building program) शुरू किया गया है, ताकि वे नई डिजिटल प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। इसके साथ ही, विभाग ने राज्य भर में लंबित सीमांकन (Demarcation) मामलों के समाधान के लिए एक विशेष अभियान भी चलाया है, जिससे किसानों और जमीन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

प्रशासनिक सुधारों की दिशा में बड़ा कदम

हरियाणा सरकार के इस निर्णय को ‘सुशासन’ की दिशा में एक अहम कड़ी माना जा रहा है। राजस्व विभाग के अनुसार, डिजिटल ढांचे को मजबूत करने से न केवल आम जनता का समय बचेगा, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड में भी सटीकता आएगी। राज्य में ‘पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0’ को लागू करने की तैयारी अब अपने अंतिम चरण में है, जिससे हरियाणा का राजस्व विभाग देश के अग्रणी विभागों में शुमार हो जाएगा।

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