हरियाणा स्टेट एनफोर्समेंट ब्यूरो ने बिजली चोरी के 56 करोड़ रुपये के लंबित जुर्माने की वसूली के लिए 22 जिलों में 45 दिनों का विशेष अभियान शुरू किया है। जानिए DGP नवदीप सिंह विर्क के नए निर्देश।
हरियाणा में बिजली चोरी करने वालों और बकाया जुर्माना न चुकाने वालों के खिलाफ राज्य सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। हरियाणा स्टेट एनफोर्समेंट ब्यूरो (Haryana State Enforcement Bureau) ने बिजली चोरी के मामलों में लंबित करीब 56 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली के लिए पूरे प्रदेश में एक 45 दिवसीय विशेष अभियान का बिगुल फूंक दिया है।
ब्यूरो के महानिदेशक (DGP) श्री नवदीप सिंह विर्क के कुशल नेतृत्व में यह व्यापक अभियान राज्य के सभी 22 जिलों में एक साथ चलाया जा रहा है। DGP विर्क ने इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए सभी प्रवर्तन थाना प्रभारियों (SHOs) को जमीनी स्तर पर मुस्तैदी से काम करने के निर्देश दिए हैं।
₹1 लाख से अधिक बकाया वाले बड़े डिफ़ॉल्टर्स की बनेगी सूची
अभियान को परिणामोन्मुख बनाने के लिए डीजीपी नवदीप सिंह विर्क ने सभी जिलों के SHOs को विशेष आदेश जारी किए हैं। इसके तहत थाना प्रभारियों को अपने-अपने थानों के रिकॉर्ड और केस डायरी की गहन समीक्षा करनी होगी।
तत्काल सूची तैयार करने के निर्देश: ऐसे सभी बिजली चोरी के मामलों को चिन्हित किया जाएगा जहां उपभोक्ताओं पर 1 लाख रुपये या उससे अधिक का जुर्माना लंबे समय से बकाया है।
थाना प्रभारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी: SHOs खुद इन बड़े मामलों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी (Personal Monitoring) करेंगे और तय समय सीमा के भीतर अधिकतम जुर्माना राशि की वसूली सुनिश्चित करेंगे।
हर सोमवार को मुख्यालय शक्ति भवन को भेजी जाएगी प्रोग्रेस रिपोर्ट
बिजली चोरी पर हरियाणा सरकार की सख्ती!
बिजली चोरी के मामलों में लंबित ₹56 करोड़ की राजस्व वसूली के लिए हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो ने 45 दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया। डीजीपी श्री नवदीप सिंह विर्क के नेतृत्व में सभी 22 जिलों में अभियान चलाया जाएगा। डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 18, 2026
इस अभियान में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए ब्यूरो ने सख्त रिपोर्टिंग मैकेनिज्म तैयार किया है। एनफोर्समेंट ब्यूरो के सभी 22 थानों को यह अनिवार्य निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक सोमवार को अभियान की प्रगति और वसूली गई जुर्माना राशि की विस्तृत रिपोर्ट पंचकूला स्थित प्रवर्तन मुख्यालय ‘शक्ति भवन’ को भेजेंगे। इस साप्ताहिक समीक्षा के जरिए अभियान की गति पर सीधे मुख्यालय स्तर से पैनी नजर रखी जाएगी।
बिजली चोरी केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक-पर्यावरणीय अपराध: DGP
अभियान की शुरुआत करते हुए डीजीपी नवदीप सिंह विर्क ने जनता के नाम एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी को सिर्फ एक वित्तीय या आर्थिक अपराध के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक और पर्यावरणीय अपराध है।
“बिजली का उत्पादन मुख्य रूप से पानी और कोयले जैसे सीमित प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से होता है। ऐसे में बिजली की चोरी करना इन बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग के समान है। ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए बिजली चोरी पर पूरी तरह नकेल कसना बेहद जरूरी है।” – नवदीप सिंह विर्क, महानिदेशक (हरियाणा स्टेट एनफोर्समेंट ब्यूरो)