केएम पांडुरंग ने पंचकूला गौशाला ट्रस्ट की 13वीं वर्षगांठ और ‘कलाम एक्सप्रेस’ की तीसरी वर्षगांठ पर कहा कि सही अवसर, प्रशिक्षण, चिकित्सा सहायता, प्यार और विश्वास से विशेष जरूरत वाले बच्चे समाज की प्रेरणा बन सकते हैं।
पंचकूला के माता मनसा देवी गौधाम में पंचकूला गौशाला ट्रस्ट की 13वीं वर्षगांठ और ‘कलाम एक्सप्रेस’ की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव केएम पांडुरंग ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विशेष जरूरत वाले बच्चों की प्रतिभा और क्षमताओं को लेकर महत्वपूर्ण बात कही।
विशेष जरूरत वाले बच्चों की प्रतिभा को मिले सही अवसर
केएम पांडुरंग ने कहा कि विशेष जरूरत वाले बच्चों की प्रतिभा को किसी भी सीमा में बांधा नहीं जा सकता। उनकी शारीरिक चुनौतियां उनकी क्षमताओं की अंतिम सीमा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे बच्चों को उचित अवसर, प्रशिक्षण, चिकित्सा सहायता, प्यार और विश्वास दिया जाए तो वे अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बन सकते हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज को विशेष जरूरत वाले बच्चों की क्षमताओं को समझने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर देने की जरूरत है। सही मार्गदर्शन और सहयोग मिलने पर ये बच्चे अपनी प्रतिभा को बेहतर तरीके से सामने ला सकते हैं।
पंचकूला गौशाला ट्रस्ट की 13वीं वर्षगांठ
सूचना, जनसम्पर्क , भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री केएम पांडुरंग ने माता मनसा देवी गौधाम में पंचकूला गौशाला ट्रस्ट की 13वीं एवं ‘कलाम एक्सप्रेस’ की तीसरी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की।
“विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की प्रतिभा को किसी सीमा में नहीं बांधा जा सकता। उनकी शारीरिक चुनौती उनकी क्षमता का अंतिम परिचय नहीं होती। यदि उन्हें सही अवसर, प्रशिक्षण, चिकित्सा, प्रेम और विश्वास मिले तो वे अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बन सकते हैं।”
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— DPR Haryana (@DiprHaryana) October 6, 2026
कार्यक्रम का आयोजन पंचकूला गौशाला ट्रस्ट की 13वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया गया। इस मौके पर ट्रस्ट से जुड़े कार्यों और उसकी गतिविधियों को भी रेखांकित किया गया। माता मनसा देवी गौधाम में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में सामाजिक सरोकारों और जरूरतमंद वर्गों के प्रति सहयोग की भावना को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
‘कलाम एक्सप्रेस’ की तीसरी वर्षगांठ
इसी कार्यक्रम के दौरान ‘कलाम एक्सप्रेस’ की तीसरी वर्षगांठ भी मनाई गई। ‘कलाम एक्सप्रेस’ से जुड़े प्रयासों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा और उनके विकास को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
केएम पांडुरंग ने बच्चों को अवसर उपलब्ध कराने और उनकी क्षमताओं को निखारने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को आगे बढ़ने के लिए केवल संसाधनों की ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज के विश्वास और सहयोग की भी जरूरत होती है।
प्यार, विश्वास और प्रशिक्षण से बदल सकती है तस्वीर
केएम पांडुरंग ने कहा कि विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए चिकित्सा सहायता, प्रशिक्षण और उचित अवसर बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ ही परिवार और समाज का प्यार तथा विश्वास उनके आत्मविश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि शारीरिक चुनौतियों को बच्चों की क्षमताओं का पैमाना नहीं माना जाना चाहिए। यदि उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले तो वे न केवल अपने परिवार का गौरव बन सकते हैं, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित हो सकते हैं।
समाज की जिम्मेदारी पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी सामने आया कि विशेष जरूरत वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए समाज के हर वर्ग को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्हें शिक्षा, प्रशिक्षण, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं के साथ सम्मान और भरोसे का वातावरण देना जरूरी है।
माता मनसा देवी गौधाम में आयोजित इस कार्यक्रम में विशेष जरूरत वाले बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। केएम पांडुरंग का संदेश बच्चों की क्षमताओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने पर केंद्रित रहा।