हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में बताया कि राज्य ने स्वास्थ्य अवसंरचना के क्षेत्र में पूंजीगत व्यय का 91 प्रतिशत से अधिक उपयोग कर लिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बैठक में कहा कि यह उपलब्धि कुशल परियोजना क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन और मजबूत अंतर-विभागीय समन्वय का परिणाम है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 951.51 करोड़ रुपये के आवंटन में से 866.96 करोड़ रुपये का उपयोग पहले ही किया जा चुका है। राजस्व पक्ष पर, राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 1,173.05 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
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मेडिकल कॉलेजों और निदान सुविधाओं का विस्तार
हरियाणा में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी तेजी देखी जा रही है। कुटैल (करनाल) में स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के साथ-साथ जिंद, कैथल, यमुनानगर, सिरसा, सोनीपत और करनाल में छह नए सरकारी मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। अधिकारियों को निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया है ताकि ये संस्थान शीघ्र संचालन के लिए तैयार हो सकें।
राज्य में निदान सुविधाओं को भी व्यापक बनाया जा रहा है। सरकारी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में पांच नई कैथ लैब प्रस्तावित हैं। 10 अतिरिक्त एमआरआई इकाइयों की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही ये सभी 23 जिला अस्पतालों में स्थापित की जाएंगी।
डायलिसिस, सीटी-स्कैन और कैंसर केयर में सुधार
हरियाणा ने 22 जिलों में मुफ्त डायलिसिस सेवाएं प्रदान करके गुर्दा रोगियों पर वित्तीय बोझ कम किया है। चुनिंदा उप-मंडल अस्पतालों में डायलिसिस सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा, 17 सीटी-स्कैन सुविधाएं पहले से कार्यरत हैं और चार और सीटी-स्कैनर के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
अंबाला कैंट में अटल कैंसर केयर सेंटर (एसीसी) को उन्नत कैंसर उपचार प्रदान करने के लिए चालू कर दिया गया है। इसके साथ ही पीईटी स्कैन और एसपीईसीटी सुविधाओं के लिए भी निविदाएं जारी की गई हैं। ये पहल राज्य में गंभीर और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद करेंगी।