हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने GST परिषद के कर सरलीकरण और दर कटौती प्रस्तावों का समर्थन किया, जिससे आम जनता, किसानों और व्यापारियों को सीधी राहत मिलेगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी परिषद की बैठक में लिए गए कर संरचना के सरलीकरण, दरों में कटौती, और जनहित से जुड़े निर्णयों का राज्य सरकार ने पूर्ण समर्थन किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन फैसलों से आमजन, किसान, उद्यमी और सेवा प्रदाता सभी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
GST परिषद की बैठक में लिए गए अहम निर्णय
नई दिल्ली में आयोजित जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में कई बड़े कर सुधारों पर सहमति बनी। इस बैठक में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों ने हिस्सा लिया। हरियाणा की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भाग लिया और राज्य की ओर से सभी निर्णयों का पूर्ण समर्थन किया।
टैक्स स्लैब घटे, उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने बताया कि जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाते हुए अब केवल दो टैक्स स्लैब – 5% और 18% रहेंगे। पहले की 12% और 28% दरें समाप्त कर दी गई हैं। इससे साबुन, तेल, शैंपू, जैसे रोजमर्रा के उत्पादों की कीमतें कम होंगी और महंगाई पर नियंत्रण भी संभव होगा।
खाद्य और डेयरी उत्पादों पर टैक्स में भारी कटौती
सीएम सैनी ने कहा कि सरकार ने पैकेज्ड दूध और पनीर पर जीएसटी शून्य कर दिया है। वहीं, घी, मक्खन और ड्राई फ्रूट्स पर टैक्स 12% से घटाकर 5% किया गया है। इससे आम उपभोक्ता के साथ-साथ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री और देशी खानपान व्यवसाय को बड़ा लाभ मिलेगा।
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कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
मुख्यमंत्री ने बताया कि ट्रैक्टर और उनके पार्ट्स पर टैक्स घटाने से किसानों की लागत कम होगी और वे आधुनिक कृषि उपकरण अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा, उर्वरक इनपुट, और कृषि मशीनरी पर भी कर दरों में कटौती की गई है।
हरियाणा बना शीर्ष कर संग्रह राज्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा का SGST संग्रह 2018-19 में ₹18,910 करोड़ था, जो 2024-25 में बढ़कर ₹39,743 करोड़ हो गया है। यह 110% वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कम जनसंख्या और सीमित क्षेत्रफल के बावजूद हरियाणा देश के टॉप-5 कर संग्रह करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है।
इंश्योरेंस को टैक्स फ्री करने का स्वागत
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस तथा री-इंश्योरेंस को जीएसटी से मुक्त करना एक साहसिक और जनहितकारी कदम है। इससे मध्यम वर्गीय और निम्न वर्गीय परिवारों को सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेना आसान हो जाएगा।
‘एक भारत, एक कर, एक बाज़ार’ की दिशा में बड़ा कदम
सीएम ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू की गई जीएसटी प्रणाली ने देश की कर व्यवस्था को पारदर्शी और सरल बनाया है। अब राज्यों के बीच व्यापार करना आसान हुआ है और देश ‘एक कर, एक बाज़ार’ की दिशा में अग्रसर है।
जनता तक लाभ पहुंचाने की अपील
मुख्यमंत्री ने सभी व्यापारियों और राज्यों से अपील की कि जीएसटी में दी गई रियायतों का लाभ अंतिम उपभोक्ता तक अवश्य पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में निगरानी और जागरूकता अभियान भी चलाएगी।