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हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई और सुरक्षा के लिए PPP मोड लागू करने की घोषणा की। जानें कैसे बढ़ेगी मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा।
चंडीगढ़: हरियाणा में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने घोषणा की है कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में अब साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था का प्रबंधन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड के तहत किया जाएगा।
क्या है सरकार का मुख्य उद्देश्य?
राज्य के सरकारी अस्पतालों में प्रबंधन को बेहतर करने के लिए साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर सौंपा जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में महिला मरीजों, नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की सुरक्षा को मजबूत करना है।
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— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 2, 2026
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य अस्पतालों में व्यवस्था में सुधार लाना और सभी के लिए एक सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिला मरीजों, नर्सों, महिला चिकित्सकों और अन्य महिला स्टाफ की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाना है।
मंत्री ने कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि अस्पताल में आने वाले मरीज और वहां काम करने वाला स्टाफ सुरक्षित महसूस करे। PPP मोड में प्रबंधन आने से साफ-सफाई के मानकों में सुधार होगा और सुरक्षा व्यवस्था अधिक जवाबदेह बनेगी।”
कैसे काम करेगी नई व्यवस्था?
- साफ-सफाई का आधुनिकीकरण: अस्पतालों में स्वच्छता के लिए पेशेवर एजेंसियों को नियुक्त किया जाएगा, जिससे अस्पताल के वातावरण में संक्रमण मुक्त सुधार लाया जा सके।
- सुरक्षा का सख्त पहरा: अस्पतालों में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 24/7 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और आधुनिक निगरानी प्रणालियों (CCTV आदि) को सुदृढ़ किया जाएगा।
- जवाबदेही: PPP मोड होने से निजी एजेंसियां सेवा की गुणवत्ता के लिए सीधे तौर पर उत्तरदायी होंगी, जिससे सरकारी अस्पतालों में प्रशासनिक बोझ कम होगा और सेवाएं बेहतर होंगी।
आरती सिंह राव का विजन
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का मानना है कि सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं का अभाव या कुप्रबंधन मरीजों के लिए बड़ी चुनौती बनता है। इस नई नीति के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि आम आदमी को सरकारी अस्पतालों में निजी अस्पतालों जैसी बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं मिलें। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।
यह निर्णय हरियाणा की स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस बदलाव से न केवल अस्पतालों की कायापलट होगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति आम जनता का विश्वास भी और बढ़ेगा।