हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षा विभाग की बैठक में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने समयबद्ध तरीके से व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी सख्त, दिए अहम निर्देश
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षा विभाग की एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। बैठक में स्कूलों के आधारभूत ढांचे (infrastructure) और छात्रों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने शिक्षा विभाग की एक अहम बैठक की अध्यक्षता करते हुए सरकारी स्कूलों में आधारभूत ढांचे और आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाएं।… pic.twitter.com/T2joJ16jO7
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 20, 2026
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि राज्य के हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को किसी भी प्रकार की सुविधा का अभाव नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूलों में जरूरी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं ताकि पठन-पाठन का माहौल बेहतर हो सके।
आधारभूत ढांचे पर विशेष ध्यान
बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए अधिकारियों से कहा कि वे स्कूलों की जरूरतों का आकलन करें और उन पर तेजी से काम करें। मुख्यमंत्री के अनुसार, यदि स्कूलों में संसाधन सुदृढ़ होंगे, तो शिक्षा का स्तर अपने आप ऊपर उठेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जमीनी स्तर पर जाकर कार्यों की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकार द्वारा निर्धारित मानक पूरे किए जा रहे हैं।
भविष्य की रणनीति
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का यह कदम प्रदेश में शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य न केवल स्कूलों की इमारतों को बेहतर बनाना है, बल्कि वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधन भी उपलब्ध कराना है। इस समीक्षा बैठक के बाद शिक्षा विभाग ने कार्यों में तेजी लाने की तैयारी शुरू कर दी है।