हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से रूसी तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। सिसाई ड्रोन सिटी के लिए 58.51 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज और करीब 800 युवाओं के रोजगार अवसरों पर जानें पूरी जानकारी।
हरियाणा को आधुनिक तकनीक और ड्रोन निर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में प्रमुख रूसी प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। बैठक में हरियाणा में हेलीकॉप्टर ड्रोन निर्माण, जीपीएस के बिना संचालित होने वाले ड्रोन, विदेशी निवेश, तकनीकी हस्तांतरण और भारत-रूस औद्योगिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
ड्रोन निर्माण और तकनीकी सहयोग पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई बैठक में रूसी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने ड्रोन निर्माण और आधुनिक तकनीक से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। चर्चा का प्रमुख उद्देश्य हरियाणा में ड्रोन विनिर्माण की संभावनाओं को आगे बढ़ाना और विदेशी कंपनियों के साथ औद्योगिक साझेदारी के अवसर तलाशना रहा।
बैठक में हेलीकॉप्टर ड्रोन बनाने और जीपीएस के बिना संचालित होने वाली ड्रोन तकनीक पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा तकनीकी हस्तांतरण और विदेशी निवेश के माध्यम से राज्य में आधुनिक उद्योगों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
हिसार के सिसाई में स्थापित हुई ड्रोन सिटी
हरियाणा बनेगा ग्लोबल ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग हब!
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP से रूस की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। हरियाणा में हेलीकॉप्टर ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग, बिना GPS संचालित ड्रोन, विदेशी निवेश, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और भारत-रूस औद्योगिक सहयोग पर चर्चा हुई।
9 सितंबर 2025 को सिसाय में स्थापित ड्रोन सिटी अब संचालन और वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग के लिए तैयार है। परियोजना हेतु ₹58.51 करोड़ का विशेष प्रोत्साहन पैकेज स्वीकृत किया गया है, जिससे आधुनिक उद्योगों का विस्तार और लगभग 800 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
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— DPR Haryana (@DiprHaryana) October 13, 2026
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हरियाणा के सिसाई में 9 सितंबर 2025 को ड्रोन सिटी की स्थापना की गई थी। अब यह परियोजना संचालन और वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी के लिए तैयार बताई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य ड्रोन निर्माण और संबंधित तकनीकों के विकास के लिए औद्योगिक ढांचा तैयार करना है।
ड्रोन सिटी के माध्यम से राज्य में आधुनिक विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को निवेश के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
परियोजना के लिए 58.51 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी
ड्रोन सिटी परियोजना के लिए 58.51 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इस प्रोत्साहन का उद्देश्य परियोजना के विकास, निवेश आकर्षित करने और आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों के विस्तार को प्रोत्साहित करना है।
रूसी कंपनियों के साथ संभावित सहयोग से ड्रोन निर्माण और तकनीकी विकास के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, वास्तविक निवेश और परियोजनाओं की प्रगति संबंधित समझौतों तथा उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
करीब 800 युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की उम्मीद
इस परियोजना से लगभग 800 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। ड्रोन निर्माण, तकनीकी संचालन और संबंधित औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से युवाओं को नए क्षेत्रों में काम करने के अवसर मिल सकते हैं।
हरियाणा सरकार की इस पहल का लक्ष्य राज्य में आधुनिक उद्योगों को बढ़ावा देना, विदेशी निवेश आकर्षित करना और भारत-रूस औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना है। यदि प्रस्तावित साझेदारियां योजनानुसार आगे बढ़ती हैं, तो ड्रोन विनिर्माण क्षेत्र में हरियाणा की भूमिका का विस्तार हो सकता है।