हरियाणा सरकार ने कलेक्टर रेट्स का डेटा-आधारित संशोधन किया, जिसमें प्रत्येक क्षेत्र की शीर्ष 50% रजिस्ट्रियों का विश्लेषण शामिल है, ताकि संपत्ति लेन-देन में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित हो।
हरियाणा सरकार ने कलेक्टर रेट्स के संशोधन की घोषणा की है, जो हर साल बाजार मूल्य के अनुरूप अपडेट की जाने वाली नियमित और पारदर्शी प्रक्रिया का हिस्सा है।
सरकार ने बताया कि इस बार का संशोधन पूरी तरह डेटा-आधारित और तर्कसंगत फॉर्मूले पर आधारित है। इसमें प्रत्येक क्षेत्र की शीर्ष 50% रजिस्ट्रियों का विश्लेषण किया गया, जिनमें लेन-देन की राशि वर्तमान कलेक्टर रेट से अधिक पाई गई।
हरियाणा सरकार द्वारा कलेक्टर रेट्स का संशोधन एक नियमित और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया गया है, जिसे हर वर्ष बाजार मूल्य के अनुरूप अपडेट किया जाता है।
इस बार का संशोधन पूरी तरह डेटा-आधारित और तर्कसंगत फॉर्मूले पर आधारित है, जिसमें प्रत्येक क्षेत्र की शीर्ष 50 % रजिस्ट्रियों का…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) April 1, 2026
उद्देश्य और पारदर्शिता
हरियाणा सरकार का उद्देश्य है कि संपत्ति लेन-देन में न्यायसंगत और पारदर्शी मूल्य निर्धारण सुनिश्चित किया जाए। इस प्रक्रिया से संपत्ति खरीदार और विक्रेता दोनों के लिए स्पष्ट और निष्पक्ष नियम लागू होंगे।
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भविष्य में प्रभाव
कलेक्टर रेट्स के इस संशोधन से राज्य में भूमि और संपत्ति लेन-देन अधिक संगठित और नियंत्रित होंगे। साथ ही, यह कदम संपत्ति बाजार में विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद करेगा।